Location: Garhwa
नगरपालिका (आम) चुनाव-2026 के तहत गढ़वा जिला के तीनों नगर निकाय क्षेत्रों में शनिवार को शांतिपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हो गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और शाम पांच बजे तक जिले में कुल 63.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा स्थानीय निकाय चुनाव के लिहाज से उत्साहजनक माना जा रहा है और इसे लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का संकेत भी समझा जा रहा है।
सबसे अधिक 63.32 प्रतिशत मतदान नगर परिषद गढ़वा में दर्ज किया गया, जबकि नगर पंचायत श्री बंशीधर नगर में 63.07 प्रतिशत और नगर पंचायत मंझिआँव में 62.80 प्रतिशत मतदान हुआ। तीनों ही क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।
गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में अध्यक्ष पद को लेकर शुरुआत से ही चतुष्कोणीय मुकाबले की चर्चा थी और मतदान के दिन मतदाताओं के रुझान ने इस धारणा को और मजबूत कर दिया। विभिन्न बूथों पर मिले संकेतों के अनुसार मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के बागी प्रत्याशी मासूम खान की अप्रत्याशित सक्रियता ने समीकरणों को नया मोड़ दिया है। खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के बीच उनकी पकड़ को लेकर चर्चा तेज रही, जिससे अन्य प्रत्याशियों के मतों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आशीष कुमार सोनी उर्फ दौलत सोनी, भाजपा समर्थित कंचन जायसवाल, अलखनाथ पांडे तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित संतोष कुमार केसरी के बीच कड़ा संघर्ष है। किसके पक्ष में अंतिम परिणाम जाएगा, इसका स्पष्ट अनुमान लगाना फिलहाल मुश्किल बताया जा रहा है।
श्री बंशीधर नगर में भी चुनावी तस्वीर कम रोचक नहीं है। यहां अध्यक्ष पद के लिए चार प्रमुख प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर महसूस की जा रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित किरण कुमारी, राजू सिंह की पत्नी सुधा देवी, भाजपा समर्थित रेखा देवी और साधना देवी के बीच मुकाबला त्रिकोणीय से आगे बढ़कर चतुष्कोणीय बन चुका है। हालांकि यहां लगता देवी भी मुकाबले को बहुकोणीय बनाती महसूस की गई और मतदान के बाद स्थानीय स्तर पर जो चर्चाएं सामने आई हैं, उनसे संकेत मिलते हैं कि यहां भी परिणाम काफी करीबी हो सकता है और मामूली अंतर से जीत-हार तय होने की संभावना है।
मंझिआँव नगर पंचायत क्षेत्र में मुकाबला अपेक्षाकृत सीधा दिखाई दे रहा है। यहां सुमित्रा देवी और मारुति नंदन सोनी के बीच आमने-सामने की लड़ाई महसूस की जा रही है। मतदान प्रतिशत यहां भी संतोषजनक रहा और मतदाताओं ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कुल मिलाकर गढ़वा जिले के तीनों नगर निकायों में 63 प्रतिशत से अधिक मतदान ने चुनाव को रोचक बना दिया है। शांतिपूर्ण मतदान के बाद अब सबकी निगाहें 27 तारीख को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतपेटी खुलने के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि किस प्रत्याशी के पक्ष में जनता ने अपना भरोसा जताया है और किसके सिर अध्यक्ष पद का ताज











