Location: Garhwa
गढ़वा। उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की लगातार सक्रियता और मौके पर पहुंचकर कार्यों की समीक्षा करने की शैली ने जिले की कार्य संस्कृति को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। वे लगातार अपने कार्यों से प्रशासनिक प्रणाली में जवाबदेही, पारदर्शिता और गति लाने का प्रयास कर रहे हैं।
हाल के दिनों में उपायुक्त ने नगर ऊंटारी स्थित नव निर्मित उपकारा भवन का निरीक्षण कर निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया। बाढ़ और बारिश की आशंका को देखते हुए उन्होंने स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय दिया। इसी तरह जनता दरबार के माध्यम से वे सीधे ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं और मौके पर ही विभागों को समस्या के समाधान का निर्देश दे रहे हैं।
बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मकानों और जलजमाव वाले क्षेत्रों का स्वयं जाकर निरीक्षण करने से यह साफ होता है कि वे केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्थिति को समझकर निर्णय लेना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा है। कानून-व्यवस्था के मामलों में भी उन्होंने कई बार संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से सख्ती बरती है।
मनरेगा में गड़बड़ी की शिकायतों पर उपायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित कनीय अभियंताओं को निलंबित किया है, कुछ कर्मियों की बर्खास्तगी की है तथा शोकाज की गई है और एक मामले में मुखिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कड़ा संदेश दिया गया है। इस कार्रवाई से विकास योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की पहल को बल मिला है।
जिले के अधिकारी और कर्मी अब समयबद्ध और जवाबदेह कार्यों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। आम नागरिकों में भी यह संदेश जा रहा है कि प्रशासन अब सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर समस्या को सुनने और समाधान करने के लिए सक्रिय है।
उपायुक्त की यह कार्यशैली गढ़वा जिले की प्रशासनिक संस्कृति में स्पष्ट बदलाव की ओर इशारा कर रही है। यदि इसी रफ्तार में जारी रहा तो आने वाले दिनों में गढ़वा की तस्वीर में व्यापक बदलाव आ सकता है।











