Location: Manjhiaon
मझिआंव: प्रतिनिधि
नगर पंचायत क्षेत्र से खजुरी पंचायत को अलग करने की मांग को लेकर लगातार हो रहे विरोध के क्रम में मंगलवार को पांच गांवों के ग्रामीणों द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। यह प्रेस वार्ता नगर पंचायत क्षेत्र के लकड़ा ही बाबा भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के समीप वार्ड संख्या 8, 9, 10, 11 एवं 12 के प्रमुख लोगों द्वारा आयोजित की गई। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष भारत कुमार कुशवाहा ने की, जबकि नेतृत्व बिंदेश्वरी पाल उर्फ अशोक पाल ने किया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिंदेश्वरी पाल उर्फ अशोक पाल, पूर्व वार्ड पार्षद इबरार खान, फरीद खां, शमशाद खां, पद्मभूषण पाठक, विष्णु प्रजापति, आकाश कुमार, रवि, चितरंजन पाल, सत्येंद्र तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत खजुरी पंचायत के पांचों गांव पूरी तरह से कृषि आधारित हैं। यहां निवास करने वाले लगभग 95 प्रतिशत लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व में जबरन जंगली पहाड़ एवं बियाबान क्षेत्रों को शहरी क्षेत्र घोषित कर नगर पंचायत में शामिल कर दिया गया। इसमें वीरबंधा, डोंगा तर और भुसुआ जैसे जंगली इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों को नगर पंचायत में शामिल किए जाने से न तो शहरी सुविधाएं मिल रही हैं और न ही ग्रामीण योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। उल्टे ग्रामीणों को नगर पंचायत द्वारा दोहरे टैक्स का बोझ झेलना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पूर्व से ही लोकसभा, विधानसभा और नगर पंचायत चुनाव में सामूहिक रूप से वोट बहिष्कार करते आ रहे हैं। बीते लोकसभा चुनाव में वीरबंधा गांव में वोट बहिष्कार किया गया था, जिसके बाद संबंधित पदाधिकारियों द्वारा कार्रवाई और मांग पूरी करने का आश्वासन देकर बहिष्कार वापस कराया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रेस वार्ता में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी नगर पंचायत चुनाव में खजुरी पंचायत क्षेत्र से न तो वार्ड पार्षद पद के लिए और न ही अध्यक्ष पद के लिए कोई नामांकन दाखिल किया जाएगा। साथ ही लगभग पांच वार्डों के करीब सात हजार ग्रामीण सामूहिक रूप से वोट बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक खजुरी नवाडीह पंचायत को नगर पंचायत शहरी क्षेत्र से अलग कर पुनः ग्रामीण क्षेत्र में नहीं जोड़ा जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
वक्ताओं ने यह भी घोषणा की कि यदि प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि इस मुद्दे को विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान भी प्रमुखता से उठाया जा चुका है।
इस मौके पर मुस्तकीम खान, मुकेश मेहता, आनंद कुमार, मुस्ताक अंसारी, उपेंद्र पाल, दिलीप सिंह, बलराज महतो, मुन्ना राम, राजेंद्र चौधरी, मनदीप चौधरी, जमुना चौधरी, नसरुद्दीन अहमद, जसमुद्दीन अंसारी, ओमप्रकाश, रवि, अजय कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।











