Location: केतार
केतार (गढ़वा), 4 अक्टूबर — गढ़वा जिले के केतार प्रखंड में बीते दिनों लगातार बारिश के चलते धधरा और पंडा नदी में जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने ग्रामीणों की आजीविका और सुरक्षा पर गहरा असर डाला है।
धधरा नदी से नुकसान:
केतार क्षेत्र में धधरा नदी के उफान पर आने से किनारे बसे गांवों में पानी घुस गया है। बालिगढ़ गांव के निवासी अवधेश बैठा और बिरेंद्र बैठा की ‘गुग्ती’ (गोशाला या पालतू पशुओं के रखाव की जगह) को बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। पशुधन के लिए चारा और सुरक्षित स्थान की कमी हो गई है।
पंडा नदी का कहर:
पंडा नदी में आई बाढ़ के कारण परसोडीह गांव के निवासी गुड्डू मेहता के घर में पानी घुस गया है, जिससे घरेलू सामान और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इसके अतिरिक्त, पंडा क्षेत्र के सभी गांवों में खेतों में लगी धान, मक्का और दलहन की फसलें जलमग्न हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
ग्रामीणों की मांग:
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन और प्रशासन से आग्रह किया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं। फसल और संपत्ति के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।











