Location: कांडी
इसे आरोपों को आरोप के रूप में रखते हुए और जांच की मा
कांडी। प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी खाद्यान्न गोदाम से रात में चावल लदे ट्रैक्टर की आवाजाही और करीब 250 बोरी चावल के उठाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसी दौरान 17 वर्षीय युवक की ट्रैक्टर की चपेट में आने से हुई मौत का मामला भी सामने आया है। कांडी उत्तरी क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य सुषमा कुमारी ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग को लेकर उपायुक्त को आवेदन दिया है।
जिला परिषद सदस्य ने 10 अगस्त को उपायुक्त को दिए आवेदन में कहा है कि 8 अगस्त की रात करीब आठ बजे चावल लदा ट्रैक्टर गोदाम से संबंधित गतिविधि में शामिल था। आवेदन के अनुसार, इसी दौरान चावल लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से 17 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद सरकारी खाद्यान्न गोदाम में रात के समय खाद्यान्न उठाव और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
शिकायत में कहा गया है कि सरकारी गोदाम से खाद्यान्न उठाव के लिए निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक है। ऐसे में रात करीब आठ बजे चावल लदे ट्रैक्टर की आवाजाही और बड़ी संख्या में चावल की बोरियों के उठाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
स्टॉक और आवक-जावक रजिस्टर की जांच की मांग
जिला परिषद सदस्य ने उपायुक्त से गोदाम का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा उपलब्ध खाद्यान्न का स्टॉक रजिस्टर से मिलान कराने की मांग की है। इसके अलावा आवक-जावक रजिस्टर, वितरण से संबंधित अभिलेख और खाद्यान्न उठाव से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने का भी आग्रह किया गया है।
आवेदन में आशंका जताई गई है कि यदि निर्धारित प्रक्रिया से अलग तरीके से खाद्यान्न का उठाव हुआ है तो इसकी जांच आवश्यक है। गोदाम प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है। हालांकि, खाद्यान्न की बिक्री, किसी अनियमितता अथवा किसी की मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जिला परिषद सदस्य ने कहा कि सरकारी खाद्यान्न गरीब और जरूरतमंद लाभुकों के लिए होता है। इसके भंडारण और वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर इसका सीधा असर लाभुकों के अधिकार पर पड़ता है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले में अब प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के दौरान रात में खाद्यान्न उठाव, करीब 250 बोरी चावल के परिवहन और संबंधित अभिलेखों की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं 17 वर्षीय युवक की मौत के मामले में भी ट्रैक्टर की मौजूदगी और घटना की परिस्थितियों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल मुख्य सवाल यह है कि रात में चावल लदा ट्रैक्टर किस आदेश या अनुमति के आधार पर गोदाम से निकला, 250 बोरी चावल का रिकॉर्ड क्या है और उस समय खाद्यान्न उठाव की अनुमति किस स्तर से दी गई थी। इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।











