Location: रांची
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होगा अंतिम दर्शन, पैतृक गांव लाने की योजना पर विचार
नई दिल्ली/रांची/गढ़वा। झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री और मजदूर नेता चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे का बृहस्पतिवार को शाम करीब 7:30 बजे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और पिछले लगभग 25 दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी सहित झारखंड के विभिन्न जिलों में शोक की लहर है।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर फ्लाइट से दिल्ली से रांची लाया जाएगा। रांची में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आमजन और पार्टी कार्यकर्ताओं के अंतिम दर्शन के लिए शव को कुछ समय के लिए रखा जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र स्थित चौका लाने की योजना है, हालांकि खबर लिखे जाने तक अंतिम कार्यक्रम तय नहीं हुआ था।
मिली जानकारी के अनुसार, ददई दुबे 8 जून को केदारनाथ धाम की यात्रा पर गए थे, जहां ठंड लगने से वे बीमार पड़ गए थे। पहले से कई बीमारियों से ग्रसित होने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली।
ददई दुबे ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत मुखिया पद से की थी। वे कई बार विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और एक बार धनबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। एकीकृत बिहार में वे कैबिनेट मंत्री भी रहे। वे इंटक (INTUC) से लंबे समय तक जुड़े रहे और मजदूरों के हक के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे।
उनके निधन की खबर फैलते ही गढ़वा, पलामू, धनबाद, बोकारो सहित पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।











