Location: Ranka
रंका (गढ़वा):
रंका–गोदरमाना मार्ग पर औचक निरीक्षण के दौरान रंका पुलिस ने दो पेशेवर सुपारी किलरों को हथियार के साथ गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने दो अवैध देशी लोडेड पिस्टल, एक कट्टा, पांच जिंदा गोली, एक अपाचे मोटरसाइकिल, ₹5,520 नकद तथा एक हेलमेट बरामद किया है।
इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने बताया कि शुक्रवार की संध्या रंका पुलिस नियमित गश्ती के दौरान झुमेलवा बाईसप्लॉट के समीप सुनसान स्थान पर एंटी-क्राइम चेकिंग कर रही थी। इसी क्रम में गोदरमाना की ओर से काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पहुंचे। पुलिस द्वारा वाहन के कागजात मांगे जाने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद दोनों की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान दोनों युवकों की कमर से लोडेड पिस्टल बरामद किए गए। थाना लाकर पूछताछ में एक युवक ने अपना नाम सत्यदेव यादव, पिता सुरेश यादव, ग्राम गेरूआसोती, थाना मेराल बताया, जबकि दूसरे ने अपना नाम फैयाज उर्फ फैज अंसारी, पिता अयूब अंसारी, ग्राम अंचला नावाडीह, थाना गढ़वा बताया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्हें छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दो लोगों की हत्या की सुपारी मिली थी और वे उसी की रेकी कर लौट रहे थे। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे पेशेवर सुपारी किलर हैं। अंबिकापुर शहर में मोहम्मद अकबर नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुर की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसे अगले सप्ताह अंजाम देना था।
एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त सत्यदेव यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध नगर उंटारी, मेराल, डंडई, रंका, गढ़वा तथा बिहार के औरंगाबाद थाना में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, सुपारी लेकर हत्या, रंगदारी वसूली, नक्सली गतिविधियों में लेवी वसूली, आगजनी, महिला साथियों से यौन शोषण सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
वहीं, फैयाज उर्फ फैज अंसारी पर भी बिहार के औरंगाबाद में 30 जनवरी को गैलेक्सी मेडिकल के मालिक मोहम्मद जुनैद की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है, जिसमें उसे लगातार छह गोलियां मारी गई थीं।
पुलिस के अनुसार सुपारी किलरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो पैसे लेकर हत्या, मारपीट और अपहरण जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देता है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।
इस कार्रवाई में सहायक अवर निरीक्षक शैलेंद्र कुमार यादव, आरक्षी मनीष कुमार तथा ललु कुमार रवि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तीनों पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किए जाने के लिए उच्चाधिकारियों को अनुशंसा भेजी जाएगी।











