Location: Manjhiaon
मझिआंव (बरडीहा प्रखंड) : बरडीहा प्रखंड के पीएम श्री उच्च विद्यालय ओबरा, जहां मिडिल स्कूल भी संचालित होता है, में मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) योजना के तहत चावल वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। विद्यालय में 15 क्विंटल चावल भेजे जाने के बजाय केवल 10 क्विंटल चावल पहुंचने का आरोप लगाया गया है। शेष 5 क्विंटल चावल के गायब होने को लेकर विद्यालय प्रबंधन समिति (विप्रस) ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जानकारी दी है।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ मेहता और संयोजिका गीता देवी ने बताया कि 18 दिसंबर को मझिआंव एफसीआई गोदाम से संवेदक के माध्यम से विद्यालय के लिए 15 क्विंटल (30 बैग) चावल भेजे गए थे, लेकिन स्कूल में मात्र 20 बैग यानी 10 क्विंटल चावल ही पहुंचे। शेष 10 बैग (5 क्विंटल) चावल नहीं मिले।
अध्यक्ष श्रीनाथ मेहता ने इस संबंध में बीईईओ रंभा चौबे को लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी, जिसके बाद शुक्रवार को मामले की जांच की गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संवेदक द्वारा दी गई रसीद में 15 क्विंटल अंकित था, लेकिन उस पर ओवरराइटिंग कर 15 को 10 दर्शाने की कोशिश की गई है। यह ओवरराइटिंग कथित रूप से गुप्त कलम से की गई बताई जा रही है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।
हेडमास्टर का पक्ष
इस संबंध में पीएम श्री हाई/मिडिल स्कूल ओबरा के हेडमास्टर कुलदीप राम ने बताया कि चावल 15 क्विंटल ही लाया गया था। रसीद में ओवरराइटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले संवेदक द्वारा 10 क्विंटल लिखा गया था, जिसे काटकर बाद में 15 क्विंटल किया गया। वहीं, संवेदक अनूराग गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद रहने के कारण बात नहीं हो सकी।
विप्रस अध्यक्ष का आरोप
विप्रस अध्यक्ष श्रीनाथ मेहता ने कहा कि 18 दिसंबर को स्कूल में केवल 20 बैग यानी 10 क्विंटल चावल ही पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि चावल का उठाव हेडमास्टर कुलदीप राम द्वारा किया गया था और वाउचर पर उन्हीं का रिसीविंग हस्ताक्षर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एमडीएम के हिसाब-किताब में अध्यक्ष और संयोजिका को अलग रखा जाता है और सवाल उठाने पर हेडमास्टर द्वारा उन्हें स्कूल से हटाने की धमकी दी जाती है।
संयोजिका का बयान
संयोजिका गीता देवी ने भी पुष्टि की कि 18 दिसंबर को स्कूल में केवल 10 क्विंटल चावल ही आया था। शेष चावल कहां गया, इसकी जानकारी हेडमास्टर ही दे सकते हैं।
बीईईओ का बयान
बीईईओ रंभा चौबे ने बताया कि वे मामले की जांच के लिए विद्यालय गई थीं और उनके साथ संबंधित क्षेत्र के पदाधिकारी भी थे। जांच से संबंधित पर्ची को आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई हैं। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।
इस मामले में जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) अनुराग मिंज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे भी संपर्क नहीं हो सका।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक इस कथित एमडीएम चावल गबन के मामले में क्या कार्रवाई करता है।











