Location: पलामू
मेदिनीनगर।मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार की शाम अंधविश्वास का एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार पाटन थाना क्षेत्र के निमिया टुसरा गांव निवासी पुकार सिंह के पुत्र विजय कुमार सिंह उम्र 40 वर्ष को बुधवार की शाम अचानक फरका उपट गया। जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हो गई। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे इलाज के लिए पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।जहां इलाज के बाद भी चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।अस्पताल में संजय भुइयां को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया. जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे. इसी क्रम में संजय के परिजन गांव के ही एक तांत्रिक से वीडियो कॉल एवं ऑडियो कॉल के माध्यम से परिजन संजय का झाड़-फूंक करवा रहे थे।तभी डॉक्टर आरके रंजन मेडिकल कॉलेज में रूटिंग विजिट पर थे।रूटीन विजिट के दौरान डॉ0 आरके रंजन ने देखा कि एक मरीज की मोबाइल से ऑनलाइन झाड़-फूंक करवाई जा रही है. यह देख डॉ आरके रंजन ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, बावजूद परिजन नहीं मान रहे थे. इसके बाद डॉक्टर ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी तो परिजनों ने झाड़-फूंक को बंद करवाया।इस मामले में डॉ आरके रंजन ने बताया कि वे रूटिंग विजिट पर थे. इसी दौरान उन्होंने झाड़-फूंक करवाते देखा. फिलहाल पूरे मामले में परिजनों को समझा दिया गया है. मरीज का इलाज चल रहा है।अस्पताल में इलाज के बाद संजय भुइयां अब खतरे से बाहर है।वही मरीज के परिजनों ने बताया की हमलोग इलाज के साथ ही झाड़फूंक भी करवाना सही समझते है।











