Location: Garhwa

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 26वें प्रदेश अधिवेशन के तीसरे दिन अधिवेशन स्थल शहीद रामप्रीत ठाकुर नगर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए गोविंद प्लस टू उच्च विद्यालय के मैदान में पहुंची, जहां खुले अधिवेशन के साथ अधिवेशन का समापन हुआ।
शोभा यात्रा के दौरान भारत माता की जय के नारों से वातावरण गूंज उठा। पूरे राज्य से आए प्रतिनिधियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्य मार्ग पर विभिन्न स्वयंसेवी एवं समाजसेवी संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। जगह-जगह जलपान एवं पेयजल की भी व्यवस्था की गई थी, जिससे शोभा यात्रा के दौरान मनमोहक दृश्य देखने को मिला।
शोभा यात्रा में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री कमलेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष मौशमी पाल, प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शरण शाही, क्षेत्रीय संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ला, प्रदेश संगठन मंत्री नीलेश कटारे, राष्ट्रीय जनजातीय कार्य प्रमुख नीलेश सोलंकी, जिला संयोजक शुभम तिवारी, राज्य विश्वविद्यालय सह संयोजक मंजुल शुक्ला, अधिवेशन स्वागत समिति के अध्यक्ष डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी, मंत्री विनय चौबे, संयोजक प्रो. धनंजय सिंह, प्रो. उमेश सहाय, प्रो. सत्यदेव पांडेय, पंकज कुमार, दीप नारायण जायसवाल, विवेकानंद तिवारी, दिशा दित्या, संतोषी कुमारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए।
शोभा यात्रा के उपरांत गोविंद उच्च विद्यालय के मैदान में खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया। अधिवेशन को राष्ट्रीय मंत्री कमलेश सिंह, प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी, पूर्व प्रदेश मंत्री मनोज सोरेन, संतोषी कुमारी सहित कई छात्र नेताओं ने संबोधित किया। मंच संचालन संजय दत्ता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नगर मंत्री सुगंध बघेल ने किया। खुले अधिवेशन में प्रदेश भर से आए विद्यार्थी प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं समाज के प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री कमलेश सिंह ने कहा कि अभाविप केवल चार अक्षरों का संगठन नहीं, बल्कि भारत के महापुरुषों की विरासत को आगे बढ़ाने वाला छात्र संगठन है। उन्होंने कहा कि जब पूर्वोत्तर भारत में अशांति थी, तब अभाविप ने राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा के माध्यम से देश को जोड़ने का कार्य किया। बाबा साहेब द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए परिषद कार्यकर्ता कैंपसों में राष्ट्रवाद के विमर्श को आगे बढ़ा रहे हैं।
प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था एवं राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं का कोई कैलेंडर नहीं है, पेपर लीक आम हो चुका है और छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के बाद भी निराशा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने छात्रवृत्ति भुगतान में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी, दलित एवं गरीब छात्रों की छात्रवृत्ति रोकी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर अभाविप राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।
पूर्व प्रदेश मंत्री मनोज सोरेन ने कहा कि झारखंड के विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बनते जा रहे हैं और सरकार इन्हें अपने हित साधने का केंद्र बना रही है। अभाविप इस स्थिति के खिलाफ संघर्ष कर सकारात्मक शैक्षणिक माहौल स्थापित करने का कार्य करेगी। वहीं संतोषी कुमारी ने कहा कि केवल योजनाएं लाने से महिलाओं को सम्मान नहीं मिलेगा, बल्कि जब बेटियां सुरक्षित होंगी तभी वास्तविक सम्मान संभव होगा।
मंच से परिसीमन लागू कर विधानसभा सीट बढ़ाने, एसआईआर लागू कर बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना सहित कई विषयों पर भी वक्ताओं ने अपने विचार रखे।











