Location: Manjhiaon
मझिआंव: मझिआंव एवं बरडीहा प्रखंड में रक्षाबंधन के लेकर बाजारों में राखी एवं मिठाइयों की दुकानें सजी हुई है। जिसने राखी की दुकानों पर सभी बहनों ने अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांधने के लिए राखी खरीदारी करने नजर आईं, तथा मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ लगी हुई थी, राखी की दुकानों में राखी खरीदने की होड़ लगी हुई थी,वही मिठाईयों के दुकान पर भी भीड़ लगी हुई थी।
रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जो सभी बहनें अपने भाइयों के कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु होने की कामना करती हैं तो वहीं दूसरी तरफ भाई अपने बहनों को रक्षा करने का संकल्प लेते हुए उपहार देते हैं। जो” इसे समझो ना रेशम का तार भैया ,मेरी राखि का मतलब है प्यार भैया ” चहुंओर यह चौक चौराहों पर संगीतज्ञों से पटा हुआ है ,जिधर भी जायज यही गाना सुनने को मिलते रहा है,ईस पर्व को लेकर पूर्व से चले आ रहे भाई-बहन राखी का त्यौहार को बहुत बड़ा उत्सव माना जाता है। ज्यो हीं रक्षाबंधन का पर्व आता है उसे एक माह पहले से ही सभी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए उत्सुकता से इंतजार करती हैं, और वह इंतजार की घड़ी सभी बहनों के लिए पूर्णिमा के दिन आ ही गया है।











