
Location: Manjhiaon
मझिआंव, प्रतिनिधि: प्रखंड सह अंचल कार्यालय में कर्मचारियों और पदाधिकारियों की अनुपस्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न गांवों से आई महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अधिकांश समय कर्मचारी और पदाधिकारी अनुपस्थित रहते हैं।
ग्रामीणों की शिकायतें
दवन कारा गांव की रिंकू देवी, मोरबे पंचायत के करकट्टा गांव की मीना देवी, अखौरी तहले गांव की बेबी देवी और रेखा देवी ने बताया कि वे कई दिनों से अपने कार्यों के लिए कार्यालय आ रही हैं, लेकिन किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। रिंकू देवी ने कहा, “छोटे बच्चे के साथ इस ठंड में आई हूं, लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” वहीं, बीमार मीना देवी ने कहा कि उनकी हालत खराब होने के बावजूद उन्हें बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
कर्मचारियों की मनमानी और समय से पहले कार्यालय छोड़ने का मामला
शुक्रवार और शनिवार को प्रखंड कार्यालय के कई विभागों में ताले लटके पाए गए। 15वें वित्त के कनिष्ठ अभियंता और प्रखंड समन्वयक कार्तिक कुमार के कार्यालय में ताले बंद रहे। सीडीपीओ कार्यालय की पर्यवेक्षिकाएं भी समय से पहले 4:10 बजे ही जाती हुई देखी गईं।
इसके अलावा, बीडीओ कार्यालय के प्रधान सहायक लव कुमार को 3:00 बजे ही कार्यालय छोड़ते हुए देखा गया। प्रेसकर्मियों के सवाल उठाने पर वह कुछ समय के लिए वापस आए, लेकिन 3:50 बजे फिर से चले गए।
पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया
अंचल पदाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ प्रमोद कुमार ने कहा, “यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी निर्धारित समय से पहले कार्यालय छोड़ता है, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।” हालांकि, प्रखंड कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
समय और व्यवस्था में सुधार की जरूरत
प्रखंड कार्यालय का निर्धारित समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक है। बावजूद इसके, समय से पहले कर्मचारियों का गायब होना और विभागों में ताले लटकना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
सवाल उठता है कि आखिर प्रखंड कार्यालय में सुचारु कार्यशैली सुनिश्चित करने के लिए कौन जिम्मेदार होगा, और इस अनियमितता पर कब लगाम लगेगी?