Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर से दर्दनाक हादसा: अधूरी सड़क और पलायन की मजबूरी ने फिर ली मासूमों की खुशियाँ—धान कटाई कर लौट रहे मजदूरों से भरा पिकअप पलटा, 9 घायल, 7 रेफर
श्री बंशीधर नगर प्रखंड में शुक्रवार की अहले सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गरबांध गांव के पास धान कटाई कर लौट रहे मजदूरों से भरा पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर घाटी में पलट गया, जिसमें 9 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और किसी तरह घायलों को बाहर निकाला।
रोजगार के अभाव में मजदूरी करने निकलने वाले इन्हीं गरीब परिवारों पर सुबह का सन्नाटा मौत का साया बनकर टूटा। सभी घायलों को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से 7 लोगों को चिंताजनक हालत में सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घायल मजदूरों में शामिल:
सुरेंद्र राम (20), गीता देवी (20), देवंती देवी (30), सोनाली कुमारी (6), रेशमी देवी (50), प्रभा देवी (35), लाल जवाहिर राम (55), दिनेश राम (38), भगमनिया देवी (30)
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—‘अधूरी कटिंग बन गई मौत का कुआँ’
हादसे के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। ग्रामीण नेता लालमोहन यादव ने बताया कि एनएच-75 से रोहिणिया तक बन रही सड़क की घाटी कटिंग अधूरी छोड़ दी गई है, जिस पर कई बार आपत्ति जताई गई थी।
15 दिन पहले एई, एसडीओ और ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया था, लेकिन अधिकारियों ने घाटी को ‘ठोस’ बताकर कटिंग से इनकार कर दिया।
नतीजा—तीन मीटर गहरी कटिंग अधूरी रह गई और आज गाड़ी सीधे खाई में जा गिरी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक घाटी काटकर सड़क सुरक्षित नहीं बनाई जाएगी, आगे का कोई निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। ठेकेदार पर घटिया काम और अधिकारियों की मिलीभगत के भी गंभीर आरोप लगाए गए।
पलायन और अधूरी सड़क—दोनों ही जानलेवा
यह हादसा एक बार फिर उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है कि रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे गरीब मजदूर असुरक्षित सड़कों पर भी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।
अधूरे विकास कार्य और पलायन—दोनों की मार इन परिवारों पर दोहरी चोट बनकर गिर रही है।
यह दुर्घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का जीता-जागता सबूत है।
![]()











