Location: Garhwa
गढ़वा, 10 अक्टूबर:
जिला समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं, जिनमें राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, रोजगार, मजदूरी भुगतान सहित कई अहम मुद्दे शामिल रहे। उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य मामले जो दरबार में आए सामने:
🔹 मझियांव प्रखंड के करकट्टा गांव से आईं खुशबू उपाध्याय ने बताया कि उनके पति की मृत्यु कोरोना काल में हो गई थी। इसके बाद उनके दोनों बच्चों को समाज कल्याण विभाग द्वारा डीसीपीओ यूनिट के तहत स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन जून 2024 के बाद से यह बंद हो गया। उन्होंने बच्चों के भरण-पोषण में आ रही कठिनाइयों को साझा करते हुए योजना का लाभ पुनः चालू कराने का अनुरोध किया।
🔹 गढ़वा प्रखंड के नावाडीह गांव से आए बजरंगी तिवारी, जो डायलिसिस के मरीज हैं, ने बताया कि हर चार दिन में उनका इलाज होता है, जिस पर ₹2500 खर्च आते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अब उनके पास इलाज के पैसे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनका इलाज परमेश्वरी हॉस्पिटल में होता है, परंतु वहां आयुष्मान कार्ड मान्य नहीं किया जा रहा। उन्होंने आयुष्मान योजना के तहत इलाज की सुविधा दिलवाने की मांग की।
🔹 केतार प्रखंड से आए ठुरामन साह ने बताया कि उनके किराएदार दो वर्षों से किराया नहीं दे रहे हैं और किराया मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुत्र को शराब का आदि बना दिया गया है। खुद वृद्ध होने के कारण वह किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने किराया दिलवाने और किराएदार को कमरा खाली कराने की गुहार लगाई।
उपायुक्त का आश्वासन:
उपायुक्त दिनेश यादव ने जनता को आश्वस्त किया कि हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले व सभी प्रखंडों में मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं।











