Location: Manjhiaon
मझिआंव (प्रतिनिधि):
बरडीहा थाना क्षेत्र के ओबरा गांव में तीन वर्षीय मासूम अनुराग उरांव की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मंगलवार सुबह बच्चे का शव अरहर के खेत से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, ओबरा गांव निवासी जैनेंद्र उर्फ जितेंद्र उरांव के 3 वर्षीय पुत्र अनुराग सोमवार की शाम करीब 3 बजे लापता हो गया था। मृतक की मां मीरा देवी (28 वर्ष) ने बताया कि अनुराग अपनी दादी शांति कुंअर के साथ बाजार की ओर गया था और सड़क किनारे खेल रहा था। इसी दौरान उसकी दादी खेत में घास निकालने चली गईं और बुआ प्रतिमा कुमारी दौड़ की तैयारी के लिए नदी की ओर चली गईं। कुछ देर बाद अनुराग लापता हो गया।
काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह को सूचना दी। पुलिस ने केस कांड संख्या 10/26 के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सोमवार शाम को ही पुलिस टीम ने घर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
अरहर के खेत में मिला शव
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घर से लगभग 100 गज की दूरी पर, मृतक के चाचा रामप्रवेश उरांव के अरहर और जिनोरा के खेत में अनुराग का शव बरामद हुआ। शव के पास एक सूतरी का बोरा भी पाया गया।
बताया जाता है कि बच्चे के पिता के मामा, रेहल थाना क्षेत्र के गटियरवा टोला निवासी सुधन उरांव दातून तोड़ने खेत में गए थे, तभी उन्होंने शव देखा। वे बदहवास हालत में बच्चे को घर लाए और पुलिस को सूचना दी।
थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे को जहर दिया गया हो, क्योंकि उसके चेहरे पर काले निशान पाए गए हैं। हालांकि, वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
ग्रामीणों के आक्रोश पर बुलाया गया डॉग स्क्वॉड
शव मिलने के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों की मांग पर मेदिनीनगर से डॉग स्क्वॉड टीम बुलाई गई। खोजी कुत्ता पहले बरगद पेड़ के पास गया, फिर वार्ड नंबर 8 की दिवंगत सदस्य शोभा देवी के घर पहुंचा। वहां वह ग्रिल के पास खड़ा हो गया और अंदर जाकर चारपाई के नीचे बैठ गया।
इसके बाद पुलिस ने शोभा देवी के पति ललन उरांव से पूछताछ की और उन्हें हिरासत में लेकर बरडीहा थाना ले गई।
आरोपी को फांसी की मांग
ललन उरांव को थाना ले जाते समय बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी और हत्यारे को फांसी देने की मांग करने लगी। थाना प्रभारी ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना स्थल पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस बल तैनात रहा। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता की सराहना भी की।
गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक के पिता अत्यंत गरीब मजदूर हैं और दशहरा से पहले ही मजदूरी के लिए पुणे गए थे। अनुराग उनका इकलौता बेटा था। परिवार में एक वर्ष की एक बेटी भी है। घटना के बाद मां मीरा देवी, दादी शांति कुंअर और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में यह भी चर्चा है कि कहीं अंधविश्वास या भूत-प्रेत से जुड़ी किसी धारणा के कारण तो इस मासूम की हत्या नहीं की गई। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
फिलहाल पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।











