Location: Garhwa
गढ़वा: जिले में आवास योजनाओं को लेकर बढ़ती गड़बड़ियों के बीच केतार प्रखंड की एक महिला ने सीधे उपायुक्त को आवेदन देकर पंचायत प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बलिगढ़ गांव की रहने वाली कलावती देवी ने उपायुक्त गढ़वा को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत के मुखिया द्वारा रिश्वत न देने के कारण उन्हें अबुआ /प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका।
आवेदन में कलावती देवी ने बताया है कि वह अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं और इतनी आर्थिक क्षमता नहीं रखतीं कि किसी को पैसा दे सकें। उन्होंने लिखा है कि उनका पुराना कच्चा मकान बारिश में पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और अब उन्हें परिवार समेत खुले में रात गुजारनी पड़ रही है। इसके बावजूद उन्हें पात्र होने के बावजूद योजना से वंचित कर दिया गया, जबकि अपात्र लोगों को मुखिया की सिफारिश पर सूची में शामिल किया गया।
शिकायतकर्ता ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि मामले की जांच कर मुखिया को तत्काल निलंबित किया जाए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए।
यह शिकायत जिले में व्याप्त उस व्यापक भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है, जिसकी गूंज पंचायत से लेकर जिला स्तर तक सुनाई देती रही है। चाहे वह प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना हो, शहरी आवास योजना या राज्य सरकार द्वारा संचालित अबुआ आवास योजना—हर जगह यह आम शिकायत है कि बिना 20 से 30 हजार रुपये की रिश्वत दिए बगैर योजना की स्वीकृति नहीं मिलती।
कलावती देवी का आवेदन इसी गहरी सच्चाई को उजागर करता है। अब यह देखना होगा कि उपायुक्त कार्यालय इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और क्या वास्तव में पात्र को उसका हक मिल पाएगा।











