Location: Garhwa

गढ़वा: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की गढ़वा नगर इकाई ने मंगलवार को राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस सह 77वां स्थापना दिवस स्थानीय गोविंद +2 उच्च विद्यालय में विचार संगोष्ठी के आयोजन के साथ मनाया। संगोष्ठी का विषय था— “2047 के विकसित भारत में युवाओं की भूमिका”, जिसमें वक्ताओं ने युवाओं से तकनीकी, सामाजिक, शैक्षणिक और नैतिक नेतृत्व के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता राज्य विश्वविद्यालय कार्य सह संयोजक मंजुल शुक्ल, पलामू विभाग संयोजक रामाशंकर पासवान, प्राचार्य विश्वविजय सिंह, जिला संयोजक शुभम तिवारी, जिला कला मंच प्रमुख कोस्तुभ उपस्थित रहे।
मंजुल शुक्ल ने कहा कि 2047 में जब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब का भारत युवाओं की सोच, संकल्प और सशक्त भागीदारी से तय होगा। उन्होंने युवाओं से उच्च शिक्षा के साथ तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता हासिल करने की सलाह दी, ताकि वे न केवल रोजगार खोजने वाले, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें।
रामाशंकर पासवान ने युवाओं को सामाजिक विकास की जिम्मेदारी उठाने का संदेश देते हुए कहा कि जातिवाद, धार्मिक भेदभाव और लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति के लिए युवा शक्ति को आगे आना होगा।
विद्यालय के प्राचार्य विश्वविजय सिंह ने कहा कि यदि आज का युवा नवाचार, अनुशासन और राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता देता है तो भारत न केवल विकसित राष्ट्र बनेगा बल्कि “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना से विश्वगुरु भी बन सकता है।
जिला संयोजक शुभम तिवारी ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए हर कार्य में नेतृत्व निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि परिवर्तन का वाहक और लाभार्थी दोनों युवा ही होते हैं।
संगोष्ठी के अंत में विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में सचिन चौबे, निरंजन चौबे, सुगंध बघेल, राज पटवा, हर्ष चंद्रवंशी, काजल, रश्मि, आकांक्षा, अनन्या, मुस्कान, सेजल, प्रेरणा समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।











