Location: कांडी

कांडी (प्रतिनिधि): केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बाई बाकी सिंचाई परियोजना के तहत लगभग 165 करोड़ रुपये की लागत से बन रही नहर बरसात की पहली ही फुहार में ढह गई। यह नहर हरदेव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाई जा रही थी, लेकिन घटिया निर्माण की पोल पहली ही बारिश में खुल गई।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जमुदहा नाला के ठीक ऊपर बाईं ओर बनाई गई नहर शुक्रवार की हल्की बारिश के बाद ही टूट गई। इससे स्पष्ट है कि निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन था और मानकों की अनदेखी की गई।
बताया जा रहा है कि यह योजना कागजों पर तो लगभग पूर्ण दर्शाई जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है—कई हिस्से अब भी अधूरे हैं। नहर टूटने से कांडी और माझियाव प्रखंड के किसानों की चिंता बढ़ गई है। कुशहा, सन्नी, रक्सही और भरत पहाड़ी गांवों के खेतों में मलबा भर गया है। इससे दोहरी समस्या उत्पन्न हो गई है—एक ओर सिंचाई की सुविधा बाधित हो गई, दूसरी ओर जिन खेतों में सिंचाई संभव थी, वे मलबे से भर चुके हैं और खेती मुश्किल हो गई है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि इस मामले की जानकारी जल पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को व्हाट्सएप के माध्यम से दी जा चुकी है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की जांच या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषी एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की जाए और किसानों के नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाए।











