
Location: Meral
मेराल: खजुरी गांव से पचफेड़ी तक एनएच-75 पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजा राशि को लेकर शुक्रवार को विरोध जताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। खजुरी गांव के पास तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने संवेदक पर मुआवजा भुगतान के बिना काम न करने का दबाव बनाया।
ग्रामीणों के विरोध के बीच पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मजहर हुसैन ने मौके पर पहुंचकर समझाने की कोशिश की और निर्माण कार्य जारी रखने की अपील की। हालांकि, ग्रामीण अपनी मुआवजा राशि की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को संभालने के लिए अंचल अमीन को बुलाया गया।
अंचल अमीन का बयान:
अंचल अमीन ने बताया कि यह जमीन गरमजरुआ (प्रतिबंधित भूमि) के तहत आती है। भूमि की मापी कर रैयतों के नाम से संबंधित दस्तावेज गढ़वा अंचल अधिकारी को सौंप दिए गए हैं।
निर्माण कंपनी का पक्ष:
सड़क निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राजू कुमार ने कहा कि मुआवजा प्रक्रिया के तहत है, लेकिन समय सीमा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य जारी रखा जा रहा है।
ग्रामीणों का विरोध:
सड़क निर्माण कार्य रोकने वाले ग्रामीणों में सुनील चंद्रवंशी, सुनील यादव, अशोक प्रसाद यादव, शिवनारायण यादव, राजन कुमार यादव, मदन यादव, और उमेश यादव सहित कई लोग शामिल थे। उन्होंने मुआवजा मिलने तक निर्माण कार्य न होने देने की चेतावनी दी।
प्रशासन की कार्रवाई:
मौके पर उपस्थित दंडाधिकारी विवेक पांडेय और नीरज मिश्रा ने पुलिस बल के साथ स्थिति संभाली और ग्रामीणों को काम न रोकने की चेतावनी दी। इसके बावजूद, ग्रामीण अपनी मांग पर कायम रहे।
आगे की योजना:
बिकताम गांव के उपेंद्र सिंह, लक्ष्मी चंद्रवंशी, शोहराई चंद्रवंशी, प्रदीप चंद्रवंशी, राम चलितर कुशवाहा, और रामराज सिंह ने उपायुक्त को आवेदन देकर मुआवजे की समस्या के समाधान की मांग करने की बात कही है।
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और प्रशासन के सामने चुनौती है कि मुआवजा भुगतान के मुद्दे को जल्द सुलझाकर निर्माण कार्य को फिर से शुरू किया जाए।