Location: Manjhiaon
मझिआंव। शांतिकुंज हरिद्वार से आए झारखंड प्रभारी त्रिलोचन साहू के नेतृत्व में शक्तिपीठ परिसर में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि अत्याचार पर मौन रहना, अत्याचार करने के समान है। गृहस्थ धर्म का पालन करते हुए भी वानप्रस्थ जीवन जिया जा सकता है। गायत्री महामंत्र का नियमित जाप करने से न केवल घर की समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि व्यक्ति में इतना तेज आ जाता है कि वह दूसरों की समस्याओं का भी समाधान कर सके।
उन्होंने बताया कि साधना बढ़ाने और लोगों को जागृत करने के उद्देश्य से यह गोष्ठी आयोजित की गई है। पूरे विश्व की निगाहें आज गायत्री परिवार की ओर हैं, इसलिए सभी वर्ग के लोग समय दान और अंशदान में भाग लें।
इस अवसर पर पूर्वी जोन प्रबंधक रामाशंकर सिंह ने कहा कि वर्ष 1926 में अखंड ज्योति जलाई गई थी, जो आज तक निरंतर जल रही है। यह वर्ष माता भगवती देवी शर्मा का भी जन्म वर्ष है। जनवरी और नवम्बर 2026 में उनकी जन्मस्थली आगरा में विश्वस्तरीय जन्म शताब्दी समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके सफल आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने 21वीं सदी में भारत को विश्वगुरु बनने और नये युग के आगमन की घोषणा की थी। जो लोग इस समय नहीं संभले और निजी जीवन में उलझे रहकर अनैतिक मार्ग अपनाएंगे, उन्हें महाकाल के कोप से कोई नहीं बचा सकेगा। इसलिए गायत्री महामंत्र का जाप अवश्य करें।
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के जिला संयोजक विनोद पाठक, जिला ट्रस्टी अच्युतानंद तिवारी, प्रखंड संयोजक नागेंद्र सिंह, युवा मंडल के जिला समन्वयक बिरेन्द्र सोंनी, बेचन राम, बरडीहा समन्वयक डॉ. नरेश प्रसाद, कांडी प्रखंड समन्वयक विजय सोनी, सुदेश सिंह, सुंदर सिंह, रामाशंकर सोनी, महेंद्र दुबे, राजनाथ प्रसाद, आनंद विश्वकर्मा, अखिलेश सोनी, अशोक गुप्ता, अनिल साव सहित अनेक लोग उपस्थित थे।











