Location: Manjhiaon
मझिआंव प्रतिनिधि। विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान नगर पंचायत सीमा निर्धारण से जुड़े गंभीर मुद्दे को सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत मझिआंव तथा विश्रामपुर नगर परिषद में कुछ ऐसे गांवों को शामिल कर दिया गया है, जो नगर निकाय की अर्हता पूरी नहीं करते। इसके कारण वहां के लोगों को न तो ग्राम पंचायत की सुविधाएँ मिल पा रही हैं और न ही नगर पंचायत की। स्थिति यह है कि ग्रामीण दोहरी मार झेल रहे हैं—सुविधा नहीं, लेकिन दोहरा टैक्स जरूर देना पड़ रहा है।
विधायक सिंह ने सदन के माध्यम से सरकार से दो महत्वपूर्ण मांगें रखीं—
1️⃣ सभी प्रभावित गांवों का पुनः निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए।
2️⃣ जो गांव नगर पंचायत के मानदंडों को पूरा नहीं करते, उन्हें तत्काल ग्राम पंचायत में पुनः शामिल किया जाए, ताकि लोग वास्तविक योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
बताते चलें कि नगर पंचायत में शामिल खजुरी-नावाडीह पंचायत के हजारों ग्रामीणों ने लगातार दो चुनावों में वोट बहिष्कार कर अपना विरोध जताया था। उस समय अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर बहिष्कार समाप्त कराया गया था, परंतु अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
इसी आक्रोश को लेकर पिछले दिनों 8 दिसंबर, सोमवार से क्रांतिकारी किसान मजदूर यूनियन द्वारा नुक्कड़ सभा शुरू की गई है। उनकी प्रमुख मांग है—खजुरी, बीरबंधा, भुसुआ, लकड़ही, आमर सहित अन्य प्रभावित गांवों को नगर पंचायत से हटाकर ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए।
संगठन ने 15 दिसंबर को मझिआंव प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है, जिसकी लिखित सूचना अनुमंडल पदाधिकारी को सौंप दी गई है।











