
Location: Manjhiaon
मझिआंव प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय विडंडा में प्रधानाध्यापक नीरज तिवारी पर मिड-डे मील (MDM) और विकास मद की राशि में घोटाले का आरोप लगाते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है।
विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष जयराम चौधरी ने जिला शिक्षा अधीक्षक और बीआरसी कार्यालय को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि प्रधानाध्यापक ने एमडीएम की ₹50,000 की निकासी कर इसे सीएसपी संचालक विश्वनाथ चौधरी के खाते में डलवा दिया। इसमें से ₹30,000 एक किराना दुकानदार को दिया गया, जबकि शेष ₹20,000 का कोई हिसाब नहीं दिया गया। इसके अलावा, विद्यालय विकास मद की ₹46,000 की राशि भी निकासी कर कोई विवरण नहीं दिया गया।
शनिवार को स्कूल परिसर में पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि शिव कुमार सिंह, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष जयराम चौधरी, पूर्व अध्यक्ष शेख सबिल आलम, नबी शेख, अजीमुद्दीन खां, विश्वनाथ विश्वकर्मा, मो. आजाद, रहमत अंसारी, राशिद शोएब और फैज सहित अन्य ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें हेडमास्टर से हिसाब मांगा गया। लेकिन उन्होंने कहा कि बीआरसी समेत अन्य जगहों पर भी पैसा देना पड़ता है, और वे कोई हिसाब नहीं दे सके।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानाध्यापक के कार्यभार संभालने के बाद से स्कूल में अनियमितताएं बढ़ी हैं। एक साल में लगभग आधा दर्जन बार विद्यालय समिति अध्यक्ष बदले जा चुके हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक से हेडमास्टर को हटाने की मांग की है, अन्यथा अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की चेतावनी दी है।
इस मामले में जब प्रधानाध्यापक नीरज तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं मीडिया को कुछ नहीं बताऊंगा, सिर्फ अपने सक्षम पदाधिकारी को जानकारी दूंगा।”