गढ़वा: स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गढ़वा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी निजी स्कूलों के प्राचार्य व प्रबंधक शामिल हुए। बैठक का आयोजन उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश कुमार यादव के निर्देश पर किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने की।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, एसडीपीओ नीरज कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा, श्रम अधीक्षक संजय आनंद, नगर परिषद के सिटी मैनेजर ओमकार यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सख्त दिशा-निर्देश दिए गए:
जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्कूली बसों की फिटनेस, बीमा, परमिट, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर, और ड्राइवर की योग्यता की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई 2025 को जिला परिवहन कार्यालय में व्यावसायिक वाहनों के परमिट के लिए विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर बिना परमिट वाले स्कूल वाहन संचालकों को चेताया गया कि कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- GPS ट्रैकर अनिवार्य: सभी स्कूली वाहनों में GPS ट्रैकर लगाना जरूरी होगा ताकि बच्चों की आवाजाही की निगरानी की जा सके।
- सीट क्षमता से अधिक सवारी पर रोक: कोई भी बस ओवरलोड नहीं होगी, सीट संख्या के अनुरूप ही बच्चे बैठाए जाएंगे।
- चालक व खलासी की पृष्ठभूमि जांच: चरित्र प्रमाण पत्र बनवाकर डीटीओ कार्यालय में जमा करना अनिवार्य।
- गति सीमा का पालन: ओवरस्पीडिंग पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- 112 आपातकालीन नंबर का प्रचार: सभी बसों व स्कूलों में इसका प्रदर्शन अनिवार्य होगा।
श्रमिकों के अधिकारों पर भी चर्चा:
श्रम अधीक्षक ने मोटर परिवहन कर्मचारी अधिनियम, 1961 और मजदूरी भुगतान अधिनियम, 1936 की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूली वाहन में नाबालिग को काम पर नहीं रखा जाएगा और सभी कर्मचारियों को 8 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकता।
विद्यालयों ने जताया संतोष:
बैठक में मौजूद स्कूल प्रबंधकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा।
गढ़वा जिला प्रशासन की यह पहल स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











