Location: Manjhiaon
मझिआंव (प्रतिनिधि):
प्रखंड क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में नवनिर्मित शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित रुद्र महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 21 फरवरी को जल यात्रा के साथ आरंभ हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान 28 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा।
यज्ञ के अवसर पर शिव पुराण कथा का वाचन अयोध्या से पधारे प्रवचनकर्ता अनिल मिश्रा द्वारा किया जा रहा है। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया गया, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रवचन में माता पार्वती की कठोर तपस्या का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हिमालय पर्वत पर वर्षों तक कठोर साधना की। कहा गया कि माता पार्वती ने केवल बेलपत्र और जल ग्रहण कर तपस्या की, जिसके कारण उन्हें ‘अपर्णा’ नाम से भी जाना जाता है। अंततः उनकी अटूट भक्ति और तप के प्रभाव से भगवान शिव ने उनसे विवाह किया।
प्रवचन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं, विशेषकर बालिकाओं को सद्गुण, माता-पिता की आज्ञा पालन, पूजा-पाठ और कठिन परिश्रम का संदेश दिया गया। शिव विवाह प्रसंग के भावपूर्ण वर्णन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।
यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन हवन, पूजन और धार्मिक अनुष्ठान जारी है। आयोजकों के अनुसार पूर्णाहुति के दिन विशेष कार्यक्रम एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।











