Location: Garhwa
गढ़वा
कला एवं समाज सेवा को समर्पित संस्था पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच, नवादा (गढ़वा) के तत्वावधान में सुविख्यात लेखक, निर्माता एवं निर्देशक श्रद्धेय रामानन्द सागर जी की जयंती स्थानीय मेलोडी मंडप, गढ़वा में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित जनों द्वारा रामानन्द सागर जी के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुई।
कार्यक्रम में विषय प्रवेश कराते हुए मंच के निदेशक नीरज श्रीधर स्वर्गीय ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने संस्कृत में रामकथा की रचना कर जगत का कल्याण किया, वहीं गोस्वामी तुलसीदास ने जनसामान्य की भाषा में रामकथा लिखकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र को घर-घर तक पहुँचाया। आगे उन्होंने कहा कि जब जनसंचार का प्रमुख माध्यम दूरदर्शन बना, तब रामानन्द सागर ने अपने कालजयी धारावाहिक रामायण के माध्यम से रामकथा को वैश्विक स्तर तक पहुँचाया। इस दृष्टि से रामानन्द सागर को महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास की परंपरा का वाहक कहा जा सकता है।
कलाप्रेमी श्रवण शुक्ला ने कहा कि पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच द्वारा रामानन्द सागर जी की जयंती मनाना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि अनेक समस्याओं के बावजूद रामायण धारावाहिक का निर्माण प्रेरणादायी है। कोरोना महामारी के दौरान रामायण के पुनः प्रसारण ने लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित किया और विश्व कीर्तिमान भी स्थापित किया।
ज्योतिषाचार्य श्याम नारायण पांडेय ने रामानन्द सागर को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताते हुए कहा कि उनके कृतित्व को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य मंच द्वारा प्रशंसनीय ढंग से किया जा रहा है।
संगीत शिक्षक पी. के. मिश्रा ने कहा कि रामानन्द सागर का योगदान अतुलनीय है। उनके द्वारा निर्मित रामायण धारावाहिक ने यह सिद्ध किया कि कला मानव कल्याण का सशक्त माध्यम हो सकती है।
कार्यक्रम में नवोदित कवि सौरभ कुमार तिवारी ने “हम कथा सुनाते हैं राम सकल गुणधाम की, यह रामायण है पुण्य कथा श्रीराम की…” पंक्तियों की प्रस्तुति दी।
आयोजन को सफल बनाने में दयाशंकर गुप्ता, श्याम नारायण पांडेय, कुमार गौरव गर्ग सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन कुमार गौरव गर्ग द्वारा “सर्वे भवन्तु सुखिनः…” के शांति पाठ के साथ किया गया।











