Location: Ranka
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रंका (गढ़वा) :- रंका प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की पोल न खुलने देने के लिए एक षड्यंत्र के तहत सूचना के बदले भारी रकम मांगने की रणनीति अपनाई है। महज दो पन्नों की जानकारी देने के बदले 30 हजार से अधिक की मांग कर दी गई, ताकि सूचना मांगने वाला व्यक्ति हार मानकर पीछे हट जाए।
वर्तमान में रंका प्रखंड कार्यालय में मनरेगा और 15वें वित्त आयोग से संचालित विकास योजनाओं में भारी अनियमितता की खबरें सामने आ रही हैं। जब एक अखबार प्रतिनिधि ने प्रखंड विकास पदाधिकारी सह जनसूचना पदाधिकारी से मात्र पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी, तो अधिकारियों ने पहले टाल-मटोल किया। बाद में, निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से ठीक एक दिन पहले, कार्यालय ने पत्रांक 424, दिनांक 7-3-2025 के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराने के लिए 5,100 पृष्ठों का हवाला देते हुए 30,200 रुपये जमा करने का निर्देश दिया।
सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 सरकार की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए लाया गया था। लेकिन वर्तमान में अधिकारी इस अधिनियम के पालन में लगातार उदासीनता दिखा रहे हैं। ऐसे में उच्च अधिकारियों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने की आवश्यकता है।