Location: पलामू
मेदिनीनगर।मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने बुधवार को अस्पताल अधीक्षक कार्यालय के समक्ष जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की।इसकी सूचना मिलने पर शहर थाना टिओपी वन प्रभारी इंद्रदेव पासवान, अस्पताल पुलिस चौकी के एएसआई नीरज कुमार सिंह,शशि रंजन पांडे,पुलिस जवान महेंद्र कुमार,विकाश कुमार,टाइगर मोबाइल के जवान रोहित कुमार और सहायक पुलिस के जवान प्रफुल सिंह अस्पताल पहुंचकर हो रहे हंगामा को शांत कराया।जानकारी के अनुशार मेडिकल कॉलेज की अनुशासन समिति ने कॉलेज का नियम कानून तोड़ने को लेकर दो छात्रों को निलंबित कर दिया था।कॉलेज का नियम तोड़ने पर पांच हजार रुपए का फाइन भी लगाया गया था।बताते चले की मेडिकल कॉलेज के 90 इंटर्न और 490 जूनियर रेजिडेंट एक साथ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल के सुपरिटेंडेंट कार्यालय के पास जमा हुए थे।मेडिकल के छात्र प्रिंसिपल की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे. छात्रों का कहना है कि प्रिंसिपल जान बूझकर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और उन्हें धमकी दी जा रही है और निजी टारगेट किया जाता है. बुधवार को मेडिकल कॉलेज में सुबह के 11 से बजे 2 बजे तक छात्रों का हंगामा जारी रहा।इस दौरान मेडिकल कॉलेज का ओपीडी भी प्रभावित हुआ. मरीजों की लंबी लाइन लग गई थी. बाद में कॉलेज के प्रिंसिपल पीएन महतो, सुपरिटेंडेंट और सीनियर डॉक्टर के साथ वार्ता के बाद छात्रों का हंगामा और आंदोलन खत्म हुआ. प्रिंसिपल पीएन महतो ने बताया कि छात्रों का निलंबन वापस ले लिया गया है और फाइन को भी खत्म किया जा रहा है।प्रिंसिपल पीएन महतो ने कहा कि कॉलेज में छात्रों को नियमों का पालन करना होगा. उन्होंने कहा कि छात्रों को हर हाल में रास्ते में बाइक चलाते समय हेलमेट लगाना होगा. प्रिंसिपल ने कहा कि छात्रों को किसी प्रकार की धमकी नहीं दी जा रही है, न ही उन्हें डरने की जरूरत है. इधर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को हटाने को लेकर राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है।छात्रों ने प्रिंसिपल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों ने पत्र में लिखा है कि प्रिंसिपल उन्हें धमकी देते हैं. छात्रों का आरोप है कि प्रिंसिपल के द्वारा करियर खत्म करने की भी धमकी दी जाती है. छात्रों ने कहा कि जब वे लोग अपनी मूलभूत सुविधाओं की मांग करते हैं तो उन्हें कई तरह की धमकी दी जाती है. ऐसे माहौल में छात्रों को पढ़ाई करना मुश्किल हो रहा है।











