मेराल। प्रखंड सभागार में तीन दिवसीय महिला वार्ड सदस्यों का प्रशिक्षण खानापूर्ति बनकर रह गया है। प्रशिक्षण के नाम पर न तो नाश्ता और न ही भोजन सही समय पर दिया जा रहा है। साथ ही मीनू के अनुसार भी व्यवस्था नहीं की जा रही है। भोजन और नाश्ते में कटौती कर दी जा रही है। प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी राशि के बंदरबांट का आरोप लग रहा है, लेकिन अधिकारी मौन हैं।
जानकारी के अनुसार सशक्त पंचायत नेत्री अभियान के तहत प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होना तय है। इस दौरान प्रतिभागियों को सुबह नाश्ता, दोपहर का भोजन और छुट्टी से पूर्व नाश्ता उपलब्ध कराने का निर्देश है। साथ ही टेबल-कुर्सी पर भोजन कराने का प्रावधान है। मगर यहां प्रशिक्षण 12 बजे से शुरू होकर 3:30 बजे ही समाप्त कर दिया जाता है। महिला वार्ड सदस्यों को जमीन पर बैठाकर भोजन कराया जा रहा है और मेनू की भी अनदेखी की जा रही है।
दुलदुलवा पंचायत की सरिता देवी व सविता देवी तथा हासनदाग पंचायत की चिंता देवी ने बताया कि सुबह नाश्ता नहीं दिया जाता। दोपहर 2 बजे केवल दो समोसे मिलते हैं और 3:30 बजे भोजन कराया जाता है। शाम का नाश्ता व चाय बिल्कुल नहीं दिया जाता। इसके बाद प्रशिक्षण समाप्त कर दिया जाता है।
इस संबंध में प्रशिक्षण दे रही महिला ट्रेनर चंचला देवी ने कहा कि वे एनजीओ के माध्यम से प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने बताया कि नाश्ता दोपहर 1 बजे और भोजन प्रशिक्षण समाप्ति पर दिया जाता है ताकि प्रतिभागी खाना खाकर घर जा सकें। टेबल-कुर्सी की व्यवस्था नहीं होने के कारण सभी महिलाओं को जमीन पर बैठकर भोजन करना पड़ता है।
विदित हो कि इस प्रकार की अव्यवस्था से प्रशिक्षण की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।











