Location: Manjhiaon
मझिआंव (गढ़वा) | प्रतिनिधि:
मझिआंव एवं बरडीहा प्रखंड में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं कोचिंग सेंटरों में ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
पूजा के दौरान कई स्थानों पर भक्ति संगीत कार्यक्रम, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विशेष उत्साह के साथ पूजा में भाग लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि विद्या की देवी मां शारदे की पूजा-अर्चना से ज्ञान, विवेक एवं सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है।
बसंत पंचमी के साथ ही बसंत ऋतु का आगमन माना जाता है, जिसे सभी ऋतुओं का राजा कहा जाता है। इस ऋतु में पेड़-पौधों पर नए फूल खिलने लगते हैं, वातावरण सुगंधित हो उठता है तथा आम के पेड़ों में लगे मंजर प्रकृति की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं।
शुक्रवार को दोनों प्रखंडों में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई, जबकि शनिवार को कोयल नदी, तालाब, पोखर एवं आहर जैसे जलाशयों में प्रतिमाओं का गाजे-बाजे के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान छात्र-छात्राओं ने अबीर-गुलाल उड़ाए और उत्साहपूर्वक नाच-गान किया। नम आंखों से श्रद्धालुओं ने मां शारदे को विदाई दी।











