Location: Manjhiaon
मझिआंव (प्रतिनिधि)। बरडीहा थाना क्षेत्र के ओबरा गांव निवासी जैनेंद्र उरांव उर्फ जितेंद्र उरांव के तीन वर्षीय पुत्र अनुराग उरांव की हत्या मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर गुरुवार को गढ़वा जेल भेज दिया।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नीरज कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। टीम में एसडीपीओ नीरज कुमार, पुलिस निरीक्षक मझिआंव अंचल ब्रिज कुमार, बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह, पुअनि मृत्युंजय कुमार राय, अनिल कुमार तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
जांच के दौरान संदेह के आधार पर ओबरा गांव निवासी 37 वर्षीय ललन उरांव एवं उसके 18 वर्षीय पुत्र विशाल उरांव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
ललन उरांव ने पुलिस को बताया कि 4 जनवरी को उसकी पत्नी शोभा देवी की बीमारी से मृत्यु हो गई थी। उसे संदेह था कि मृतक बच्चे की दादी ने ‘डायन-भूत’ कर उसकी पत्नी की जान ले ली। इसी शक के आधार पर बदला लेने की नीयत से उसने अपने पुत्र विशाल के साथ मिलकर 23 फरवरी की संध्या लगभग 4:30 बजे अनुराग को खेलते समय मिट्टी के घर में ले जाकर जहर खिला दिया। बाद में भोर करीब 3 बजे शव को बोरे में भरकर पास के अरहर के खेत में फेंक दिया।
आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल से शव के पास लगभग 5 मीटर की दूरी पर एक जूट का बोरा, ‘सल्फास’ लिखी दो पर्चियां, भूरा रंग का गंधयुक्त पाउडर की पुड़िया, ‘सल्फास’ लिखा प्लास्टिक पैकेट तथा उजाले रंग का प्लास्टिक बोरा बरामद किया गया।
ज्ञात हो कि सोमवार को अनुराग का शव अरहर के खेत से बरामद हुआ था। वह अपने घर से करीब 50 गज दूर सड़क पर खेल रहा था, जहां से लापता हो गया था। उसकी मां मीरा देवी ने 24 फरवरी को बरडीहा थाना में कांड संख्या 10/26 के तहत धारा 137(2) में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। ग्रामीणों की मांग पर खोजी कुत्ता भी मंगाया गया था, जो जांच के दौरान ललन उरांव के घर के पास जाकर बैठ गया। इसके बाद पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने घटना में संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।











