Location: Manjhiaon
मझिआंव
बरडीहा थाना क्षेत्र के सलगा गांव निवासी स्वर्गीय सहदेव राजभर के लगभग 48 वर्षीय पुत्र सुरेंद्र रजवार की शनिवार को मृत्यु हो गई। सुरेंद्र रजवार करीब 12 दिन पूर्व गांव के ही ठेकेदार तुलसी यादव के पुत्र सुरेंद्र यादव के साथ बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला अंतर्गत बारुण स्थित एन.सी.सी. कंपनी में मजदूरी करने गए थे।
मृतक की पत्नी सोमारी देवी ने बरडीहा थाना में आवेदन देकर अपने पति की मृत्यु पर संदेह जताया है। उन्होंने आवेदन में उल्लेख किया है कि उनके पति की मौत कब, कैसे और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी ठेकेदार द्वारा नहीं दी जा रही है। पत्नी ने पूरे मामले की जांच कर ठेकेदार एवं संबंधित कंपनी पर कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।
ठेकेदार का पक्ष
इस संबंध में सलगा गांव के ठेकेदार सुरेंद्र यादव ने बताया कि शुक्रवार की शाम अचानक सुरेंद्र रजवार के शरीर में कंपन होने लगा और वह बेहोश हो गया। इसके बाद उसे औरंगाबाद के मदनपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के दौरान चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज होने की बात कही। इसके बाद मझिआंव प्रखंड के एक निजी अस्पताल में भी इलाज कराया गया और फिर सदर अस्पताल गढ़वा ले जाया गया, जहां शनिवार को करीब 11 बजे दिन में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में शव को उसके पैतृक गांव सलगा लाया गया।
पुलिस की कार्रवाई
बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद स्थानीय श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा सोमवार को प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मजदूर का नहीं हुआ था पंजीकरण
नियमानुसार, राज्य से बाहर काम करने जाने वाले प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण अनिवार्य होता है, ताकि किसी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में उन्हें मुआवजा मिल सके। इस संबंध में ठेकेदार सुरेंद्र यादव ने बताया कि सुरेंद्र रजवार का कोई पंजीकरण नहीं कराया गया था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुरेंद्र रजवार की अचानक हुई मौत से उसका परिवार पूरी तरह टूट गया है। मृतक के चार बेटियां और एक बेटा है। बेटे की शादी तय हो चुकी थी, जिसके लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से वह बाहर मजदूरी करने गया था। उसकी मौत के बाद पत्नी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
अब परिजनों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।











