
Location: Bhavnathpur
भवनाथपुर में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे यह विधानसभा क्षेत्र सियासी टकराव का केंद्र बन गया है।
शनिवार को कर्पूरी चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक अनंत प्रताप देव का पुतला दहन किया। उनका आरोप था कि सरकार भवनाथपुर में प्रस्तावित 1320 मेगावाट पावर प्लांट लगाने में असमर्थ है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास पर असर पड़ रहा है। उन्होंने इसे सरकार की विफलता करार देते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
इसके जवाब में रविवार को झामुमो कार्यकर्ताओं ने पूर्व भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही का पुतला दहन किया। झामुमो ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व विधायक सेल (SAIL) के बंद क्रॉसिंग प्लांट की नीलामी में अनियमितताओं और कटिंग के खेल में शामिल थे। झामुमो कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाजपा सरकार के समय हुई गड़बड़ियों की अब पोल खुल रही है, इसलिए विपक्ष सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।
गौरतलब है कि भवनाथपुर में 1320 मेगावाट पावर प्लांट की योजना पहले बनाई गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे असंभव करार दिया। वहीं, सेल के बंद प्लांट की नीलामी को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि इस नीलामी में अनंत प्रताप देव की भूमिका रही है, जिससे मामला और उलझ गया है।
इन राजनीतिक घटनाओं के बीच स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है। भवनाथपुर का कर्पूरी चौक एक व्यस्त और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां कई दुकानें और प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। ऐसे में पुतला दहन जैसे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी प्रशासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है। अगर कोई अप्रिय घटना घटती, तो इसकी जवाबदेही तय करना मुश्किल होता।
स्थानीय जनता इन राजनीतिक संघर्षों के बीच असमंजस में है। क्षेत्र के विकास और रोजगार पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, यह भविष्य में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल, भवनाथपुर राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।