Location: Bhavnathpur
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समाचार:
भवनाथपुर (गढ़वा): भवनाथपुर प्रखंड के अरसली उत्तरी पंचायत स्थित राज्यकीय माध्यमिक विद्यालय को भले ही हाई स्कूल का दर्जा मिल गया हो, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में न तो पर्याप्त कमरे हैं और न ही योग्य एवं पर्याप्त संख्या में शिक्षक, जिसके कारण शैक्षणिक माहौल गंभीर रूप से बाधित हो रहा है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कांत गुप्ता के अनुसार, फिलहाल विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक करीब 440 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि नवम कक्षा में 25 और दशम कक्षा में 46 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इतने बड़े छात्रसंख्या के मुकाबले केवल छह सहायक शिक्षक—राकेश चौबे, मनोज चौबे, शैलेन्द्र कुमार ठाकुर, मनोज सोनी, सूर्यदेव प्रजापति और अर्पना चौबे—कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त एक आईसीटी शिक्षिका देवकली देवी भी पदस्थ हैं। हालात तब और खराब हो गए जब विद्यालय के अनुभवी शिक्षक वरुण कुमार को कस्तूरबा विद्यालय भवनाथपुर में प्रतिनियुक्त कर दिया गया।
विद्यालय भवन की हालत भी चिंताजनक है। लगातार वर्षा के कारण विद्यालय के कुल 9 में से 6 कमरे अत्यंत जर्जर हो चुके हैं। कक्षाओं की कमी के कारण कई शिक्षण कक्ष जर्जर और क्षतिग्रस्त छत वाले कमरों में ही चलाए जा रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। विद्यालय परिसर में बाउंड्री वाल भी नहीं है, जिससे सुरक्षा की स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय प्रशासन द्वारा कई बार विभाग को इन समस्याओं को लेकर पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई सार्थक पहल नहीं की गई है। पंचायत की मुखिया इशरत जहां, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आत्मा नंद विश्वकर्मा और स्थानीय अभिभावकों की भी यही मांग है कि शीघ्र ही अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाए, शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाए और बाउंड्री वाल का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यदि इन बुनियादी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो ग्रामीण बच्चों की शिक्षा और उनका भविष्य दोनों ही संकट में पड़ जाएगा। सरकार और शिक्षा विभाग को इस दिशा में अविलंब कदम उठाना चाहिए, ताकि छात्र-छात्राएं भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।











