Location: Ramana
रमना (गढ़वा), 6 सितंबर: रमना प्रखंड में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया खाद की किल्लत ने शनिवार को एक बार फिर किसानों का गुस्सा भड़का दिया। अहले सुबह जब प्रखंड मुख्यालय स्थित छह अधिकृत दुकानों पर कुल 610 बोरी खाद की खेप पहुँची, तो जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए दुकानों पर उमड़ पड़े।
खाद की सीमित मात्रा और भीड़ के दबाव के चलते अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिल सका। इसी बीच यह चर्चा फैल गई कि खाद खत्म हो चुकी है। सूचना मिलते ही आक्रोशित किसानों ने करीब 10 बजे मुख्य सड़क को जाम कर दिया और नारेबाजी करने लगे।
हालात बिगड़ते देख प्रशासन हरकत में आया। स्थानीय प्रशासन और प्रबुद्ध लोगों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने की कोशिश की। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से जाम हटवाया गया और आवागमन बहाल कराया जा सका।
किसानों का आरोप है कि दुकानदार यूरिया खाद को ऊंचे और मनमाने दामों पर बेचने की मंशा से भ्रम फैला रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर खाद नहीं मिल रहा, जिससे किसान परेशान हैं। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कई दुकानदार जानबूझकर खाद की कालाबाज़ारी कर रहे हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत से अब तक रमना में कुल 2800 बोरी खाद की आपूर्ति की जा चुकी है। लेकिन किसानों की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग अतिरिक्त खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
गौरतलब है कि रमना प्रखंड में धान की बुआई जोरों पर है और इस समय खाद की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में यूरिया की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।











