कांडी (प्रतिनिधि): बरसात के इस मौसम में चंद्रपुरा स्कूल से भीलमा होते हुए कांडी-पतीला मुख्य सड़क को जोड़ने वाली संपर्क पथ लोगों के लिए जानलेवा बन गई है। सड़क की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि पैदल चलना तक दुश्वार हो गया है। कीचड़ और गड्ढों से भरी यह सड़क अब मौत को खुलेआम निमंत्रण दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की बदहाली को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, परंतु यह मुद्दा हर बार अफसरशाही की भेंट चढ़ गया। हैरानी की बात है कि इस सड़क से आम जनता ही नहीं, आला अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं, फिर भी अब तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली।
यह सड़क आसपास के लगभग 20 गांवों को जोड़ती है और क्षेत्र की एकमात्र वैकल्पिक सड़क है। हालत यह है कि आपात स्थिति में बीमार लोगों को अस्पताल तक ले जाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि गांव तक वाहन पहुंचना संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में आमजन की जान तक खतरे में पड़ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 77 साल बाद भी इस सड़क का नहीं बन पाना क्षेत्र के दुर्भाग्य का प्रतीक है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता जीत के बाद क्षेत्र की सुध तक नहीं लेते। अब यह सड़क मरम्मत की आस में ‘भगवान भरोसे’ पड़ी है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बरसात के इस नाजुक समय में इस सड़क की मरम्मत कर आवागमन को सुगम बनाया जाए, ताकि जनजीवन सुरक्षित रह सके।











