Location: Garhwa
गढ़वा में जनसुनवाई से लेकर अवैध शराब पर सख्ती, जल महोत्सव और सरहुल पर्व तक—प्रशासनिक गतिविधियां तेज
गढ़वा (रिपोर्ट):
जिले में शुक्रवार को प्रशासनिक गतिविधियां काफी सक्रिय रहीं। एक ओर समाहरणालय में जनसुनवाई आयोजित कर आम लोगों की समस्याएं सुनी गईं, वहीं उत्पाद विभाग की समीक्षा बैठक में अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जल संरक्षण को लेकर “जल अर्पण दिवस” मनाया गया और सरहुल पर्व का भी गरिमामय आयोजन किया गया।
जनसुनवाई में सुनी गईं समस्याएं
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव ने समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया। इसमें राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अतिक्रमण, आवास, मुआवजा, रोजगार एवं बकाया मजदूरी जैसी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनी गईं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए।
धुरकी प्रखंड के योगेंद्र प्रसाद यादव ने पंचायत समिति योजनाओं में बिना कार्य कराए राशि निकासी का आरोप लगाया। वहीं, 95% दिव्यांग शिक्षक उमेश राम ने दुर्गम क्षेत्र में पदस्थापन के कारण स्थानांतरण की मांग की। मंझिआंव की अनीता देवी ने प्रधानमंत्री आवास निर्माण में परिजनों द्वारा बाधा डालने की शिकायत की, जबकि रंका की रंजू देवी ने आवास योजनाओं में अनियमितता का मामला उठाया। सभी मामलों में जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
उत्पाद विभाग की समीक्षा, अवैध शराब पर सख्ती
उपायुक्त की अध्यक्षता में उत्पाद विभाग की समीक्षा बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में राजस्व संग्रह की प्रगति पर संतोष जताते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जिलेभर में सघन छापेमारी अभियान चलाने, सड़कों पर 24×7 जांच और संवेदनशील स्थानों—जैसे मंदिर, स्कूल आदि—के आसपास दुकानों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया गया। उत्पाद एवं पुलिस विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
जल अर्पण दिवस पर जल संरक्षण का संदेश
चिनिया प्रखंड के बेता पंचायत स्थित सिकट गांव में “जल महोत्सव” पखवाड़ा के तहत “जल अर्पण दिवस” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज और जल प्रबंधन की जानकारी दी।
ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और जलसहियाओं को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। साथ ही जलमीनार और नलों की सुरक्षा एवं रखरखाव का संदेश भी दिया गया।
सरहुल पर्व का गरिमामय आयोजन
समाहरणालय सभागार में सरहुल पर्व का आयोजन भी धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त दिनेश यादव ने आदिवासी समुदाय को पूजन सामग्री वितरित की और उनके सांस्कृतिक योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सरहुल प्रकृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का प्रतीक है और आदिवासी समाज का प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान है।
कुल मिलाकर, दिनभर जिले में जनसमस्याओं के समाधान, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने से जुड़ी गतिविधियां केंद्र में रहीं।











