Location: पटना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुज़फ्फरपुर की चुनावी सभा में वर्ष 2001 के चर्चित गोलू अपहरण कांड का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय बिहार में अपराधियों का शासन चलता था और गोलू जैसे मासूम बच्चों तक को नहीं छोड़ा गया। मोदी ने इस घटना को “जंगल राज” का उदाहरण बताते हुए मतदाताओं से अपील की कि राज्य को फिर ऐसे दौर में नहीं लौटने देना चाहिए।
गोलू अपहरण कांड सितंबर 2001 में हुआ था। बैंककर्मी रतन कुमार सिंह के छोटे बेटे गोलू का स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया गया था। चार दिन बाद बच्चे का शव बरामद हुआ। इस घटना से पूरे मुज़फ्फरपुर में आक्रोश फैल गया और लोगों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। हिंसक झड़पों में कई लोग मारे गए और शहर में कर्फ्यू लगाना पड़ा।
पुलिस जांच के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 2009 में अदालत ने चार मुख्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला उस दौर की कमजोर कानून-व्यवस्था और अपराध के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक बन गया।
प्रधानमंत्री के भाषण में इस घटना का उल्लेख इसलिए किया गया ताकि मतदाताओं को याद दिलाया जा सके कि बिहार ने उस समय अपराध और भय का जो माहौल देखा था, वह अब दोबारा न लौटे। गोलू अपहरण कांड आज भी बिहार की राजनीति और जनता की स्मृति में “जंगल राज” की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक के रूप में दर्ज है।











