गढ़वा। नगर उंटारी प्रखंड अंतर्गत चित्तविश्राम पंचायत के ग्राम बरडीहा में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के क्रियान्वयन में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त दिनेश यादव और जिला डीडीसी को लिखित आवेदन सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि योजना में नाम जुड़वाने के एवज में गांव के कुछ बिचौलियों द्वारा गरीब लाभार्थियों से अवैध वसूली की जा रही है। जिन लोगों ने पैसे देने से इनकार किया, उनके नाम सूची से हटा दिए गए, जबकि कई अपात्र लोगों को – जिनके पास पहले से ही पक्का मकान है – नियमों को दरकिनार कर लाभ दे दिया गया।
बिचौलियों की मनमानी, पारदर्शिता नदारद
ग्रामीणों के अनुसार, योजना की पात्रता सूची पर बिचौलियों ने पूरी तरह कब्जा कर लिया है। पारदर्शिता को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से नाम शामिल किए गए। लाभ दिलाने के नाम पर पहले लालच दिया गया और जब ग्रामीणों ने पैसे देने से मना किया, तो उन्हें डराया-धमकाया भी गया।
इससे पहले भी ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी, श्री बंशीधर नगर को शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर वे अब उपायुक्त से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें
ग्रामीणों की शिकायत ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर किया है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और योजना को वास्तविक लाभुकों तक पहुंचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।











