1. दीपावली और छठ को लेकर चला एंटी क्राइम वाहन चेकिंग अभियान, संदिग्धों से पूछताछ
मेदिनीनगर। पलामू एसपी के निर्देश पर दीपावली और छठ त्योहार को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शनिवार को शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार और टिओपी-2 की पुलिस टीम द्वारा बेलवाटीकर चौक, गुरुद्वारा के पास एंटी क्राइम वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।
इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान व तलाशी ली गई। कई लोगों से पूछताछ कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
शहर थाना प्रभारी ने बताया कि त्योहारों के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार है। अभियान में टाइगर मोबाइल के जवान मुकेश सिंह, धर्मेंद्र कुमार, मिथलेश कुमार, अमित कुमार व सूर्यनाथ सिंह मौजूद रहे।
2. वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने जरूरतमंदों के बीच बांटी दीपावली की खुशियां
मेदिनीनगर। दीपावली के अवसर पर वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट और आशीर्वाद चैरिटेबल ट्रस्ट ने संयुक्त रूप से रांची रोड स्थित दलित बस्ती में दर्जनों जरूरतमंद परिवारों के बीच दीपावली सामग्री का वितरण किया।
इस दौरान दीया, तेल, मोमबत्ती, रूई बत्ती, मिठाई, कपड़े, फूलझड़ी और गर्म वस्त्र वितरित किए गए। संस्था की सचिव शर्मिला वर्मा ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के जरूरतमंदों का भी ख्याल रखें और त्योहार की खुशियों को साझा करें।
इस मौके पर शुभम बिहारी, खुश्बू शर्मा, वंदना श्रीवास्तव, बेबी विश्वकर्मा, कोमल और रिया सिंह मौजूद रहीं। ट्रस्ट की टीम ने लोगों से स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और मिट्टी के दीये जलाने की अपील की।
3. कुम्हारों की गलियों में लौटी रौनक, दीपावली के लिए बन रहे मिट्टी के दीये
मेदिनीनगर। दीपावली नजदीक आते ही पलामू जिले के कुम्हारों की बस्ती में चाक फिर से घूमने लगे हैं। सदर थाना क्षेत्र के लहलहे गांव में स्थित कुम्हारों की बस्ती में मिट्टी के दीये, ढिबरी और कुप्पी बनाने का कार्य जोरों पर है।
स्थानीय कुम्हार राजकुमार प्रजापति ने बताया कि दीपावली उनके लिए साल का सबसे व्यस्त और उम्मीदों से भरा समय होता है। परिवार के सदस्य गांव-गांव ठेला लेकर दीये बेचने निकल जाते हैं।
बाजारों में सजावटी सामान, पूजा सामग्री और पटाखों की खरीदारी शुरू हो चुकी है। हालांकि चाइनीज लाइटों की बढ़ती मांग से मिट्टी के दीयों की बिक्री पर असर पड़ रहा है। कुम्हारों को उम्मीद है कि लोग फिर से पारंपरिक दीयों की ओर लौटेंगे और उनके घरों में भी रोशनी आएगी।











