Location: Meral
मेराल
प्रखंड क्षेत्र के चरका पत्थर स्थित नूरी मस्जिद में शुक्रवार को पवित्र माह रमजान के अंतिम जुमा यानी अलविदा जुमा की नमाज़ अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में रोजेदार नमाजियों ने मस्जिद पहुंचकर इबादत की और रमजान माह को अलविदा कहा। क्षेत्र की अन्य मस्जिदों में भी अलविदा जुमा की नमाज़ अदा की गई।म
नूरी मस्जिद में नमाज़ की इमामत खतीबो-इमाम हजरत मौलाना मोहम्मद अलहाज गुलाम यासीन अंसारी ने कराई। नमाज़ के बाद उन्होंने तकरीर करते हुए रोजेदारों को ईद-उल-फितर से पहले जकात, फितरा और सदका अदा करने की नसीहत दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी लोग ईदगाह पहुंचकर सामूहिक रूप से ईद की नमाज़ अदा करें।
मौलाना ने अपने संबोधन में आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईद के बाद हिंदू भाइयों का नवरात्र पर्व शुरू हो रहा है, इसलिए सभी को एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने अपील की कि सभी पर्व-त्योहार आपसी प्रेम, सहयोग और समझदारी के साथ मनाएं, ताकि समाज में एकता और सद्भाव बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि झंडा कहां लगाया जा रहा है या कौन किस गली में लगा रहा है, इस तरह की बातों से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सभी लोग मिलजुल कर, आपसी सलाह और समझदारी से त्योहार मनाएं और खुशियां बांटें।
नमाज़ के बाद नमाजियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर रमजान माह को विदाई दी और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
इस अवसर पर सदर मुख्तार अंसारी, झामुमो नेता अतहर अली अंसारी, सदाम हुसैन, जब्बार अंसारी, इक़बाल अंसारी, अब्दुल लतीफ़ अंसारी, सुल्तान अंसारी, जहूर रंगसाज, समीम रंगसाज, शिक्षक अख़्तर अली, शिक्षक आरिफ़ अंसारी, मोहम्मद मुनीर, शिक्षक जुनैद अंसारी, खुर्शीद आलम, नूर मोहम्मद अंसारी, हाजी अब्दुल्लाह अंसारी, युनुस अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।











