गढ़वा: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार की अदालत ने शुक्रवार को नशीले पदार्थों की तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रति व्यक्ति एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पहले मामले में गढ़वा थाना कांड संख्या 343/2024 में चैनपुर (पलामू) निवासी अविनाश कुमार चंद्रवंशी, सोनपुरवा (गढ़वा) निवासी शत्रुघ्न कुमार चौहान और पिंटू कुमार चौहान को दोषी पाया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि काले रंग की स्विफ्ट कार से तीन लोग सासाराम-रोहनिया से मादक पदार्थ लाकर गढ़वा की ओर आ रहे हैं। भरटिया-महुपी रोड पर नाकाबंदी के दौरान तीनों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में अविनाश के पास से 21.550 ग्राम, शत्रुघ्न के पास से 79.430 ग्राम और पिंटू के पास से 20.460 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। सभी आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया।
दूसरे मामले में गढ़वा थाना कांड संख्या 572/2024 में नगवा निवासी जितेंद्र कुमार को अफीम और हीरोइन बेचने के आरोप में दोषी ठहराया गया। 24 अक्टूबर 2024 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में उसके पास से 47 ग्राम अफीम, 1.65 ग्राम हीरोइन तथा 2 लाख 1,780 रुपये नगद बरामद किए गए। न्यायालय ने एनडीपीएस की धारा 17(बी) के तहत आरोप तय कर साक्ष्य के आधार पर उसे दोषी मानते हुए वही सजा सुनाई — 10 वर्ष सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना।
इन मामलों में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक उमेश कुमार दीक्षित ने त्वरित सुनवाई सुनिश्चित कर साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष की पैरवी अधिवक्ता बृजदेव विश्वकर्मा एवं अभय कुमार चौबे ने की।











