Location: सगमा
सगमा (गढ़वा) : गढ़वा जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सुखलदरी जलप्रपात इन दिनों सैलानियों से पूरी तरह गुलजार है। नए वर्ष के स्वागत और पिकनिक सीजन को लेकर न केवल गढ़वा जिले, बल्कि झारखंड के अन्य हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग सपरिवार यहां पहुंच रहे हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह जलप्रपात फिलहाल क्षेत्र के सबसे प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में उभर कर सामने आया है।
नए साल के आगमन में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में लोग शहरी भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताने को प्राथमिकता दे रहे हैं। सुखलदरी जलप्रपात की ऊंचाई से गिरती झरनों की धार, चारों ओर फैली हरियाली और ठंडी फुहारें सैलानियों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। झरने के पास बैठकर प्रकृति का आनंद लेना, बच्चों का खेलना और युवाओं का समूह में पिकनिक मनाना यहां आम दृश्य बन गया है।
पर्यटक बड़ी संख्या में फोटो और वीडियो बनाकर अपने इन यादगार पलों को कैमरे में कैद कर रहे हैं। खासकर युवा वर्ग सोशल मीडिया के लिए आकर्षक रील और तस्वीरें बनाने में व्यस्त नजर आ रहा है, जिससे सुखलदरी जलप्रपात की लोकप्रियता और तेजी से बढ़ रही है।
स्थानीय कारोबार को मिल रहा लाभ
पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का सीधा असर स्थानीय व्यवसाय पर भी देखने को मिल रहा है। जलप्रपात के आसपास चाय, नाश्ता, फास्ट फूड, खिलौने और अन्य छोटे दुकानों पर अच्छी-खासी भीड़ जुट रही है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नए वर्ष के आसपास भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उनकी आमदनी में इजाफा होगा। इससे क्षेत्र के छोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है।
सुरक्षा और सावधानी की अपील
हालांकि बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा पर्यटकों से लगातार सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। जलप्रपात के आसपास फिसलन भरे पत्थर और गहरे पानी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की भी अपील की जा रही है।
संरक्षण की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुखलदरी जलप्रपात गढ़वा जिले की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। इसे संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सैलानियों से अपील की जा रही है कि वे साफ-सफाई बनाए रखें और प्लास्टिक व अन्य कचरा इधर-उधर न फेंकें, ताकि इसकी प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे और आने वाली पीढ़ियां भी इसका आनंद ले सकें।
प्रशासन की तैयारी
नए वर्ष को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में पुलिस बल की तैनाती और अन्य आवश्यक इंतजाम किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कैसे पहुंचें
सुखलदरी जलप्रपात तक पहुंचने के लिए गढ़वा जिले से श्री बंशीधर नगर मार्ग अथवा मेराल–डंडई मार्ग का उपयोग किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और पारिवारिक माहौल के कारण सुखलदरी जलप्रपात नए वर्ष के जश्न के लिए सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि गढ़वा जिले को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान भी मिल रही है।











