Location: Meral
मेराल। झारखंड स्थापना दिवस एवं भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर विद्यालय में भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक सुरेंद्र विश्वकर्मा द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस मौके पर उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा महान आदिवासी नेता, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश सरकार के उत्पीड़न के खिलाफ ‘उलगुलान’ आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने आदिवासियों को एकजुट किया, उनकी भूमि और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और ‘बिरसाइत’ नामक एक नया धर्म चलाया।
इस अवसर पर छात्रों ने ‘धरती आबा’ के जीवन संघर्ष, उनके आंदोलन और समाज सुधार के संदेश पर आधारित नृत्य-नाटक, भाषण, गीत और कविता प्रस्तुत किया गया। विद्यालय परिसर में बिरसा मुंडा के जयकारों और सांस्कृतिक रंगों ने अद्भुत उत्साह का वातावरण बना दिया।
स्कूल प्राचार्य विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “बिरसा मुंडा की वीरता, त्याग और जन-सेवा की भावना झारखंड की अस्मिता का प्रतीक है। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।”
शिक्षकों ने झारखंड की सांस्कृतिक विविधता, राज्य निर्माण यात्रा और जनजातीय समाज के योगदान पर प्रकाश डाला। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक रिजवान अंसारी बसंत कुमार यादव नागेंद्र ठाकुर पवन कुमार अनुप्रम शमा परवीन सूफियानहीद अमिता कुमारी एवं कर्मचारियों में बलराम शाह अंकित कुमार मानिकचंद पासवान अंजू देवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। छात्रों ने इस समारोह को प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक और यादगार बताया।











