Location: Garhwa
गढ़वा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), गढ़वा इकाई ने झारखंड में जेपीएससी एवं जेएसएससी द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी तथा परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की संदिग्ध भूमिका को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य सरकार से सीबीआई जांच की मांग की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य विश्वविद्यालय कार्य संयोजक मंजुल शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत और संघर्ष के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो यह केवल अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से झारखंड के हजारों युवा रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार का रवैया उदासीन, असंवेदनशील और निराशाजनक रहा है। युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार मौन है, जो उनके भविष्य के प्रति गैर-जिम्मेदारी को दर्शाता है।
एबीवीपी ने मांग की कि जेपीएससी एवं जेएसएससी से जुड़े सभी विवादित मामलों की सीबीआई से निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच कराई जाए।
विभाग संयोजक प्रिन्स सिंह ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी का पुनर्गठन किया जाए तथा जिन अधिकारियों, कर्मचारियों, बिचौलियों या परीक्षा संचालन एजेंसियों की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाए, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में तकनीकी एवं प्रशासनिक सुधार लागू करने तथा भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि भ्रष्टाचार, पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि राज्य सरकार युवाओं की मांगों की अनदेखी करती रही तो यह उनके विश्वास के साथ विश्वासघात होगा।
एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सीबीआई जांच और जेपीएससी के पुनर्गठन की दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो परिषद राज्यभर में चरणबद्ध एवं व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सचिन चौबे, प्रदेश निजी विश्वविद्यालय कार्य सह-संयोजक आनंद कुमार, नगर कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक यादव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।











