Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर: जंगीपुर ग्राम स्थित सत्संग उपासना केंद्र उर्जीतपा में श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र जी के अनुयायियों द्वारा साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, शंखध्वनि एवं वंदे पुरुषोत्तम ध्वनि के साथ हुआ। इसके बाद सभी जीवों के कल्याण की कामना के साथ सामूहिक नाम जप-ध्यान, सत्यानुसरण ग्रंथ एवं नारीनीति ग्रंथ का पाठ किया गया। संगीतांजलि कार्यक्रम में धृति सुंदरलाल, माला मां, चंचला गुप्ता तथा अन्य सत्संगियों ने सामूहिक भजन प्रस्तुत किए।
इष्ट चर्चा के दौरान ऋत्विक विजय नंदन सिन्हा ने कहा कि मनुष्य को बड़े सौभाग्य से पुरुषोत्तम का सत्संग एवं सत्संगियों का दर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सत्संग मनुष्य के आध्यात्मिक जीवन की अमूल्य पूंजी है, जो मृत्यु के बाद भी जीव के साथ रहती है। उन्होंने नियमित रूप से प्रातः, दोपहर, संध्या एवं रात्रि के संधिकाल में नाम जप और ध्यान करने पर बल देते हुए कहा कि अधिक नाम जप से आत्मबल की प्राप्ति होती है तथा सभी जीवों के प्रति प्रेम और करुणा का भाव रखना चाहिए।
सत्संगी अखिलेश दा ने कहा कि भगवान या महापुरुष कभी स्वयं अपना प्रचार नहीं करते। उनकी कृपा से ही साधक सभी बाधाओं को पार कर सत्संग तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में मानव जन्म सर्वोत्तम है और सत्संग मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलना सिखाता है। सत्संगी विकास कुमार ने भी सत्संग की महिमा एवं अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे ऋत्विक धृति सुंदरलाल ने कहा कि वर्तमान समय में आचार्य देव जीवों के जीवन रक्षक एवं मार्गदर्शक हैं। उन्होंने प्रत्येक सत्संगी से वर्ष में कम से कम एक बार आचार्य देव के दर्शन करने और गुरु धाम जाने का आह्वान किया।
संध्याकालीन विनती, प्रार्थना एवं जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर याजक राजकुमार दा, शक्ति दास सिन्हा, भोला प्रसाद सुमन दा, शंकर ठाकुर, हीरा प्रसाद, अजय दा, संजय दा, अजय कुमार, आकाश कुमार, धृतिदीप अंबष्ठ, आदित्य कुमार, रीना देवी, कलावती देवी, रेखा जायसवाल, अनीता देवी, दीपमाला अंबष्ठ, वृंदा देवी, तारा देवी सहित बड़ी संख्या में सत्संगी उपस्थित रहे।











