
Location: सगमा
सगमा: सरकार पारदर्शिता लाने के लिए तमाम प्रयास कर रही है, लेकिन सस्ते गल्ले की दुकानों में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा। सगमा प्रखंड के बीरबल पंचायत स्थित मकरी गांव में जनवितरण प्रणाली के कोटेदार पर गंभीर आरोप लगे हैं। कार्डधारकों का कहना है कि कोटेदार सुभाष चंद्र जायसवाल बीते दो से आठ महीने तक का राशन हड़प चुका है। लाभुकों से अंगूठा तो लगवा लिया जाता है, लेकिन उन्हें अनाज नहीं दिया जाता।
पत्थर रखकर वेट मशीन में लगवाते हैं अंगूठा
ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार राशन वितरण में धांधली कर रहा है। वेट मशीन पर पत्थर रखकर अंगूठा लगवाया जाता है और पर्ची भी नहीं दी जाती। जब लाभुक राशन मांगते हैं, तो उन्हें यह कहकर भगा दिया जाता है कि राशन खत्म हो गया है। कई बार लाभुकों और कोटेदार के बीच तीखी बहस भी हो चुकी है।
लंबी सूची: कई कार्डधारकों को महीनों से नहीं मिला राशन
ग्रामीणों ने बीडीओ और गोदाम मैनेजर को लिखित शिकायत दी है, जिसमें बताया गया है कि कई लाभुकों को 2 से 8 महीने तक का राशन नहीं मिला। इनमें निर्जय कुमार रजक (4 माह), प्रदीप कनौजिया (2 माह), रघुराज महतो (2 माह), प्रेम यादव (4 माह), राजेंद्र कुशवाहा (6 माह), शिव कुमार (3 माह), संजय कनौजिया (3 माह) समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
प्रशासन की चुप्पी, ग्रामीणों की गुहार
इस मामले पर स्थानीय मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा ने कहा कि शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को दी गई है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रखंड प्रमुख अजय शाह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन वे इसकी पड़ताल करेंगे।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा 3(1) और झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2019 के तहत यह घोर अनियमितता है। इसके बावजूद जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। एमओ और एजीएम का कहना है कि लाभुकों से आवेदन मिला है, जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बकाया राशन दिलाया जाए और वितरण प्रणाली को सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।