गढ़वा सदर अस्पताल: अव्यवस्थाओं और दलाली का अड्डा, नर्स द्वारा महिला के साथ मारपीट पर प्रशासन की कार्रवाई

गढ़वा सदर अस्पताल का नाम एक बार फिर गलत कारणों से सुर्खियों में है। अस्पताल में निजी प्रैक्टिस के लिए दलालों की सक्रियता, कर्मचारियों द्वारा मरीजों का शोषण और दुर्व्यवहार के मामले आम हो गए हैं। हाल ही में प्रसव वार्ड में एक महिला के साथ नर्स द्वारा मारपीट का मामला सामने आने के बाद अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रसव कक्ष में मारपीट का मामला

पलामू जिले के रेहला थाना क्षेत्र के सिगसिगी गांव निवासी आरती कुमारी (पति दीपक चंद्रवंशी) को 17 जनवरी 2025 की रात गढ़वा सदर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया। 18 जनवरी को सुबह करीब 7 बजे महिला का प्रसव हुआ। प्रसव पीड़ा के दौरान लेबर वार्ड में मौजूद नर्स नैन कुमारी ने महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसे थप्पड़ मारे, जिससे उसकी कनपटी पर चोट के निशान बन गए।

प्रसव के बाद नवजात शिशु की हालत नाजुक हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे गढ़वा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से भी स्थिति में सुधार न होने पर बच्चे को रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया।

जिला परिषद अध्यक्ष ने लिया संज्ञान

इस घटना की सूचना किसी व्यक्ति ने जिप अध्यक्ष शांति देवी को वाट्सएप पर दी। मंगलवार को शांति देवी अस्पताल पहुंचीं और मामले की गहन जांच की। उन्होंने पीड़िता के परिवार से फोन पर संपर्क कर पूरी जानकारी ली। शांति देवी ने नर्स नैन कुमारी का प्रतिनियोजन रद्द कर उसे मूल पदस्थापन वाले अस्पताल भेजने का निर्देश दिया।

स्थायी समस्याएं: दलाली और दुर्व्यवहार

गढ़वा सदर अस्पताल लंबे समय से अव्यवस्थाओं का शिकार है।

  • निजी प्रैक्टिस को बढ़ावा देने के लिए दलाल सक्रिय हैं।
  • मरीजों और उनके परिजनों से पैसे वसूले जाते हैं।
  • कर्मचारियों और चिकित्सकों की लापरवाही और दुर्व्यवहार की शिकायतें लगातार सामने आती हैं।

प्रशासनिक प्रयास केवल रस्म अदायगी तक सीमित

हालांकि जिप अध्यक्ष के निर्देश पर नर्स के खिलाफ कार्रवाई हुई है, लेकिन अस्पताल की व्यापक समस्याओं का समाधान अभी भी दूर है। प्रशासन की ओर से केवल औपचारिक कदम उठाए जाते हैं, जिससे व्यवस्थाओं में कोई ठोस सुधार नहीं हो पाता।

जनता का स्वास्थ्य खतरे में

गढ़वा सदर अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाएं और कर्मचारियों की मनमानी मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं। यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह स्थिति और बिगड़ सकती है।

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  • Vivekanand Upadhyay

    Location: Garhwa Vivekanand Updhyay is the Chief editor in AapKiKhabar news channel operating from Garhwa.

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