Location: Garhwa
गढ़वा।
शक्ति की आराधना का महान पर्व शारदीय नवरात्र अब अपने चरम पर पहुँच चुका है। नौ दिनों की इस भक्ति यात्रा में अब छह दिन बीत चुके हैं। पूरे गढ़वा जिले में श्रद्धा, आस्था और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
नवरात्र के षष्ठी तिथि पर आयोजित बेलो पाती पूजा ने उत्सव की शुरुआत को मानो परवान चढ़ा दिया। गढ़वा शहर में इस परंपरागत पूजा का आयोजन पूरी श्रद्धा और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। श्रद्धालु गाजे-बाजे और जयकारों के साथ बेल के पवित्र वृक्ष के पास पहुँचे, जहाँ माँ दुर्गा को आमंत्रित करने के लिए बेलो पाती (निमंत्रण पत्र) चढ़ाया गया।
इस पूजा प्रमुख रूप से गढ़देवी मंदिर पूजा समिति और जय भवानी संघ पूजा समिति के साथ- साथ सभी पुजा समितियों द्वारा किया गया। समितियों ने परंपरा अनुसार माँ को आमंत्रित कर प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू की। इसके पश्चात आगामी सप्तमी तिथि को माँ दुर्गा की प्रतिमाएं पंडालों में विराजमान होंगी और श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु पट खोल दिए जाएंगे।
पूरे गढ़वा में भक्ति का महासागर
गढ़वा नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में पूजा समितियों द्वारा भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है, जहाँ आकर्षक विद्युत सज्जा, सांस्कृतिक मंच और भक्तों की भीड़ देखने लायक है।
रामकथा, कीर्तन, भजन संध्या, और धार्मिक प्रवचन जैसे आयोजन हर कोने को भक्तिरस से सराबोर कर रहे ।
– सप्तमी, अष्टमी और नवमी। ये दिन सबसे अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अष्टमी को महाअष्टमी पूजन, कन्या पूजन और नवमी को हवन व समापन की तैयारियाँ तेज़ी से चल रही हैं। पूजा समितियाँ सुरक्षा, स्वच्छता और सेवा के सभी पहलुओं पर सक्रिय हैं।
गढ़वा में यह पर्व न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामूहिक आस्था, संस्कृति और सेवा की मिसाल भी बन चुका है। हर आयु वर्ग के लोग इस आयोजन में भाग लेकर माँ दुर्गा की कृपा पाने की आशा में लीन हैं











