Location: Garhwa
गढ़वा: गढ़वा थाना क्षेत्र के सोह गांव के लालीमाटी टोला में गुरुवार को नाबालिग किशोरी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पिता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किशोरी की मौत पिटाई के कारण हुई या किसी अन्य वजह से। पोस्टमार्टम के बाद शव मृतका के बुआ को सौंप दिया गया।
पिता ने हत्या की दी स्वीकारोक्ति
पुलिस पूछताछ में पिता ने बताया कि वह पत्नी को इलाज कराने बाहर गया था। दोपहर में लौटने पर उसने देखा कि उसकी 17 वर्षीय बेटी पड़ोस के एक युवक के साथ है। यह देखकर पिता गुस्से में आगबबूला हो गया और बेटी को घर लेकर आकर मारपीट की। मारपीट के दौरान लड़की की हालत बिगड़ गई और शाम तक उसकी मृत्यु हो गई।
फिर पिता उसे लेकर सदर अस्पताल गया, जहाँ चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पिता ने पड़ोसियों की मदद से शव को बगही श्मसान घाट ले जाकर चिता पर जलाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने समय रहते शव को चिता से हटाकर कब्जे में ले लिया।
घटना के समय मृतका के पिता और 14 वर्षीय चचेरे भाई को हिरासत में लिया गया। बाद में चचेरे भाई को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पिता के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। गढ़वा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार तिवारी और एएसआई मनोज कुमार सिंह इस मामले में सक्रिय हैं।
मामले ने सदर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अस्पताल के इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात चिकित्सक ने किशोरी को मृत घोषित किया, लेकिन पुलिस को संदेहास्पद मामले की सूचना देने में देरी हुई। इस कारण पिता को शव को घर ले जाने और श्मसान में जलाने का अवसर मिला।
सोह गांव और आसपास के इलाके में घटना से लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से आरोपी को कड़ी सजा दिलाने और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारण का खुलासा होगा। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी की जाएगी।











