Location: Garhwa
गढ़वा नगर परिषद के अध्यक्ष और वार्ड पार्षद चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया जारी है। इसी कड़ी में चल रही हमारी ग्राउंड रिपोर्टिंग श्रृंखला के दूसरे दिन वार्ड संख्या 3, 4 और 6 की जमीनी हकीकत सामने आई। तीनों वार्डों में एक समान और गंभीर समस्या सड़क और नाली की बदहाली है, जिसने आम लोगों का जनजीवन प्रभावित कर रखा है।
सबसे खराब स्थिति वार्ड संख्या 4 और 6 की है, जहां सड़कें पूरी तरह जर्जर हालत में हैं और नालियों की व्यवस्था या तो मौजूद नहीं है या पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। बारिश के दिनों में यहां जलजमाव आम बात हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वार्ड संख्या 4 में हालात और भी चिंताजनक हैं। यहां के कई इलाकों में लोग पीने के साफ पानी के लिए मोहताज हैं। हैंडपंप और जलापूर्ति व्यवस्था या तो खराब है या पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही बिजली की स्थिति भी बदहाल बनी हुई है, आए दिन कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं।
वार्ड संख्या 6 में भी सड़क, नाली और बिजली तीनों ही बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
वहीं वार्ड संख्या 3 ,4,की पहचान मदरसा, बस स्टैंड, रामलला मंदिर और शिव ढोढ़ा मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों से है। लेकिन इस वार्ड में भी विकास की तस्वीर फीकी नजर आती है। खासकर शिव ढोढ़ा मंदिर तक जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान लोगों ने साफ कहा कि चुनाव के समय नेता विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। अब देखना होगा कि इस बार चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी इन मुद्दों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जनता को कब राहत मिलती है











